मन के प्रश्नों के उत्तर भारत में मिलने के कारण १४ वर्षों से भारत में रह रही हैं !

कोयंबटूर (तमिलनाडु) – लेबनान यह मध्य पूर्व का एक मुसलमान बाहुल्य देश है । वहां ईसाइयों की जनसंख्या ३२% है । इस देश की हनीन नाम की एक ईसाई महिला तमिलनाडु के कोयंबटूर में ‘ईशा योग केंद्र’ के मां लिंग भैरवी मंदिर की पुजारिन बनी है ।
कोयंबतूर में इस महिला को ‘भैरागिनी मां हनीन’ के नाम से संबोधित किया जाता है । भारत आने से पूर्व वह आराम का जीवन जी रही थी तथा एक विज्ञापन कंपनी में ‘क्रिएटिव आर्ट डायरेक्टर’ के रूप में काम करती थी । वर्ष २००९ में वह स्वयंसेवक के रूप में भारत आई और पिछले १४ वर्षों से यहीं रह रही है । अध्यात्म और सनातन से जुडने के लिए उसने ऊंची तनख्वाह की नौकरी छोडी है ।
मन के प्रश्नों के उत्तर भारत में मिले !
मां हनीन ने कहा, “मेरे पास सब कुछ था; लेकिन मुझे एक बात की तडप थी, जो मुझे नहीं पता थी । इसी कालावधि में दुर्भाग्य से मेरे सबसे नजदीकी मित्र की मृत्यु से मुझे बहुत दुख हुआ और तभी मेरे मन में प्रश्न निर्माण हुआ । मैं उत्तर ढूंढने लगी । जिसका उत्तर मुझे भारत में मिला । मैं अपने परिवार के सम्पूर्ण सहयोग के कारण यहां हूं । मुझमें हुआ बदलाव देखकर उनको आश्चर्य लगने लगा । जो लडकी (मैं) प्रत्येक बात पर गुस्सा करती थी और चिडचिड करती थी, वह अब बहुत शांत और गंभीर हुई है’, ऐसा मेरे परिवारवालों को ध्यान में आया । उन्हें मुझमें अत्यधिक बदलाव दिखा और इसी कारण वह मुझे सहायता करते हैं ।
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