महाराष्ट्र में ४ महीनों में २५४ करोड ५३ लाख रुपये के नशीले पदार्थ अधिग्रहित ! – CM Devendra Fadnavis
१ सहस्र ६२६ आरोपियों को बंदी बनाया I
महाराष्ट्र को नशामुक्त करने के लिए सरकार तत्पर, मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण !
१ सहस्र ६२६ आरोपियों को बंदी बनाया I
महाराष्ट्र को नशामुक्त करने के लिए सरकार तत्पर, मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण !
पश्चिम महाराष्ट्र के सहकार एवं चीनी उद्योग को बल प्रदान करनेवाली महत्त्वपूर्ण घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शहा ने महाराष्ट्र के सहकारिता क्षेत्र के लिए ३ सहस्र करोड रुपए की २ बडी परियोजनाओं की घोषणा की ।
मंदिर की देखभाल, धरोहर का संवर्धन एवं श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं ।
कला के नाम पर अश्लील एवं अनैतिक संवादों से युक्त ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ के कार्यंक्रम करनेवाला प्रणित मोरे तथा अन्य लोगों पर अपराध पंजीकृत किए जाएं, साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को ‘सेंसर बोर्ड’ की कार्यकक्षा में लाया जाए, ऐसी मांग शिवसेना की विधानपरिषद की मुख्य सचेतक (संबंधित राजनीतिक दल का विधानमंडल में कार्यरत उत्तरदायी व्यक्ति) तथा प्रवक्ता डॉ. मनीषा कायंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर की है ।
नासिक के टी.सी.एस्. प्रतिष्ठान में हिन्दू महिलाओं को लव जिहाद के जाल में फंसाकर उनके धर्मांतरण का प्रयास किया गया । ऐसा होकर भी इसमें संलिप्त आरोपियों पर धर्मांतरण का अपराध पंजीकृत करने के स्थान पर केवल धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा शीलभंग के अपराध पंजीकृत किए गए ।
मुंबई में इजराइल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट की । इस भेंट में प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई । मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस उपक्रम का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सभी सहयोग देने का आश्वासन दिया ।
‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का प्रकरण उजागर होने वाला विप्रो यह तृतीय संस्थान है । क्या यह सब हिमशैल का ऊपरी छोर (टिप ऑफ द आइसबर्ग) है, यह देखना समय की आवश्यकता है !
‘ई-केवायसी’ के उपरान्त ‘मुख्यमन्त्री माझी लाडकी बहीण योजना’ का ५ लाख सरकारी कर्मचारी अपलाभ ले रहे होने की बात पाई गई ।
‘हिन्दू विधीज्ञ परिषद’ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र द्वारा मांग !
बकरी ईद की पृष्ठभूमि में राज्य में गोमाता की अवैध ढुलाई, अवैध बूचडखानों तथा गोवंशों पर होनेवाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर रुख अपनाया है ।