महाराष्ट्र : ५ वर्षाें में २ सहस्र ७६४ बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्यवाई होकर भी घुसपैठ रूकने का नाम नहीं ले रही !

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जानकारी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई – पिछले कुछ वर्षाें से महाराष्ट्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध अभियान तीव्र किया गया है । भले ही प्रतिमाह बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध कार्यवाही हो रही हो, तब भी राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों की घुसपैठ रूकने का नाम नहीं ले रही है । जनवरी २०२१ से १५ फरवरी की अवधि में राज्य में कुल २ सहस्र ७६४ बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हुई है । उनमें से २ सहस्र २३७ बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी हुई हैं, जबकिप ५२७ बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमा पार भेजा गया है । ५ मार्च को विधानपरिषद में विरोधी दलों के विधायकों द्वारा उठाए गए तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिखित रूप में उक्त जानकारी दी ।

इसके अंतर्गत की गई कार्यवाही के अनुसार राज्य का आतंकवादविरोधी दल तथा स्थानीय पुलिस के द्वारा प्रतिमाह बांग्लादेशी घुसपैठियों की गिरफ्तारी की जाती है । कुछ बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमापार भेजा जाता है; परंतु तब भी महाराष्ट्र में फर्जी पहचानपत्र रखनेवाले नए-नए घुसपैठी दिखाई दे रहे हैं ।

महाराष्ट्र में मिले इतने बांग्लादेशी घुसपैठी !

वर्ष 

गिरफ्तारी

सीमापार 

२०२१  १९२  १०९ 
२०२२  २१७  ७७ 
२०२३  ५७३  १२७ 
२०२४  ७१६  २०२ 
२०२५ में १५ फरवरी तक  ५३९  १२ 

फर्जी कागदपत्रों का उपयोग कर भूमि खरीदी !

इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को मात्र उनके पैनकार्ड के आधार पर फर्जी पहचानपत्र दिए गए हैं, ऐसा ध्यान में आया है । जांच में यह बात भी सामने आई है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने अपने नाम बदलकर मुंबई तथा पुणे में भूमि खरीदी है । हवेली (पुणे) में पहचान पत्रों की ठीक से पडताल किए बिना बांग्लादेशी घुसपैठी को पहचानपत्र दिलानेवाले सरकारी अधिकारी को पुलिस ने ‘कारण बताओ’ नोटिस दिया है । (इस प्रकार नोटिस देने की अपेक्षा उन्हें अपदस्थ कर आजन्म सश्रम कारावास का दंड दिया जाना चाहिए ! – संपादक)

पिछले २ महिनों में २५१ बांग्लादेशी गिरफ्तार !

विशेषकर मुंबई, पुणे एवं ठाणे इन शहरों में बांग्लादेशी घुसपैठी मिले हैं । जनवरी एवं फरवरी २०२५ इन २ महिनों में महाराष्ट्र में २५१ बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है । इस अवधि में १७ बांग्लादेशियों को सीमापार भेजा गया है । राज्य के १८ पुलिस थानों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किए गए हैं । इससे राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या कितनी गंभीर बन गई है, यह ध्यान में आता है ।

संपादकीय भूमिका 

पूरे देश में ५ करोड से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं तथा उनका कुल आंकडा देखा जाए, तो उनका यह अनुपात ०.००५ प्रतिशत है । यदि ऐसा है, तो घुसपैठ पर लगाम कैसे लगेगी ? विश्व की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर भारत तथा उसका खङगहस्त महाराष्ट्र में ऐसी स्थिति होना अपेक्षित नहीं है, ऐसा ही कहना पडेगा ।