धर्मकार्य के लिए मिले अर्पण का अपहार (गबन) करनेवालों से सतर्क रहें, साथ ही ऐसी घटनाओं के संदर्भ में हिन्दू जनजागृति समिति को सूचित करें !

समिति के नाम का दुरुपयोग करनेवालों पर रोक लगाने के लिए अर्पणकर्ता उनके पास आनेवाले व्यक्तियों के पास अर्पण की छापी हुए रसीद पुस्तकें हैं अथवा नहीं, इसकी आश्वस्तता कर उनसे अर्पण की रसीद अवश्य मांग लें ।

‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ के अंतर्गत कार्यान्वित होनेवाले ग्रंथालय से संबंधित सेवा में सम्मिलित हों !

महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के ग्रंथभंडार में ३५ सहस्र से अधिक मुद्रित ग्रंथ और १ लाख से अधिक ‘ई-बुक्स’ हैं तथा उसमें प्रतिदिन अनेक ग्रंथों की वृद्धि हो रही है । इसलिए इन ग्रंथों से संबंधित आगे की सेवा करने के लिए रामनाथी, गोवा के आश्रम में मानव संसाधन की आवश्यकता है ।

रासायनिक अथवा जैविक कृषि नहीं, अपितु प्राकृतिक कृषि अपनाइए !

मंडी में बिकनेवाली सब्जियों पर विषैले रसायनों की फुहार किए जाने से अब प्रत्येक व्यक्ति को अपने लिए आवश्यक सब्जियों की स्वयं ही उपज करना आवश्यक बन गया है । नित्य भोजन में लगनेवाली सब्जियां घर पर ही उगाई जा सकती हैं ।

तिथि लिखते समय पक्ष का उल्लेख टालना योग्य है

वर्तमान में तिथि लिखते समय हम चैत्र शु.प. १ (चैत्र शुक्ल पक्ष १) ऐसे लिखते हैं । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ‘पक्ष’ इस अर्थ से लिखा जानेवाला ‘प.’ शब्द अनावश्यक है । प्रचलित लेखन में भी तिथि लिखते समय इसका उल्लेख नहीं किया जाता ।

शोध के माध्यम से संपूर्ण मानवजाति को अनमोल धरोहर उपलब्ध करानेवाले ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ को चित्रीकरण हेतु उपयुक्त सामग्री की आवश्यकता !

‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ वैज्ञानिक परिभाषा में आध्यात्मिक शोध करने हेतु अद्वितीय कार्य करनेवाली संस्था है । इस विश्वविद्यालय के कुछ साधक संतों के मार्गदर्शन में विविध स्थानों पर यात्रा कर भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर संग्रहित कर रहे हैं ।

साधको, ‘निरंतर नकारात्मक विचार करने से और उस विषय पर अन्यों से बार-बार चर्चा करने से मन पर नकारात्मकता का संस्कार होता है’, यह ध्यान में रखकर योग्य मार्गदर्शन तथा स्वसूचना लें !

स्वयं की समस्या के बारे में विचार करने से तथा उसके बारे में निरंतर अन्यों को बताना, मन को नकारात्मक स्वसूचना देने समान होता है । परिणामस्वरूप मन के नकारात्मक विचारों का पोषण होता है और मन की अस्थिरता बढती है तथा कार्यक्षमता भी घटती है ।

कृषि उत्पादों में स्थित रासायनिक अंश : नित्य आहार में समावेशित विष !

खेतों में, अनाज संग्रहण के गोदाम में, साथ ही प्रसंस्करण उद्योगों में अन्नपदार्थाें में विविध कारणों से मिलाए जानेवाले रासायनिक घटक निश्चितरूप से अनदेखी करने योग्य नहीं हैं ।

अध्यात्मप्रसार के कार्य के लिए यात्रा करनेवाले साधकों की अपने परिचितों के यहां निवास एवं भोजन व्यवस्था हो सकती हो, तो जानकारी दें !

साधकों को सूचना एवं पाठक, शुभचिंतक एवं धर्मप्रेमियों से विनती !      सनातन संस्था के पूर्णकालीन साधक अध्यात्मप्रसार एवं हिन्दू राष्ट्र-जागृति के कार्यक्रम के लिए भारत के विविध राज्यों में यात्रा कर रहे हैं । इस यात्रा के समय विविध राज्यों में अध्यात्मप्रेमी जिज्ञासु एवं हिन्दू राष्ट्रप्रेमियों को संपर्क करना, व्याख्यान, बैठक, सभा, शिविर … Read more

शरीर में गर्मी बढने पर उसके लिए शारीरिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर करने योग्य विविध उपचार !

१. शरीर की गर्मी न्यून करने हेतु शारीरिक स्तर पर करने योग्य उपचार १ अ. तुलसी के बीजों का सेवन करना : तुलसी के पत्ते गरम व बीज ठंडा होता है । गर्मी न्यून करने हेतु १ चम्मच तुलसी के बीज आधा कटोरा पानी में भिगोएं और सवेरे उसमें १ कटोरा गुनगुना दूध मिलाकर खाली … Read more

चाय पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक !

चाय के दुष्परिणाम      चाय स्वाद में कसैली होने से वह कोष्ठबद्धता निर्माण करती है । कुछ लोगों को चाय न पीने से शौच नहीं होती । आदत पड जाने से ऐसा होता है । शौच का वेग निर्माण करना, चाय का काम नहीं । चाय रक्त में आम्ल बढाती है । नियमित चाय … Read more