आच्छादन : ‘सुभाष पाळेकर प्राकृतिक कृषि तंत्र’ का एक प्रमुख स्तंभ !
भूमि के पृष्ठभाग को ढकना’ अर्थात ‘आच्छादन’ ! भूमि की सजीवता एवं उर्वरता बनाए रखने का कार्य आच्छादन करता है । आच्छादन के कारण ‘सूक्ष्म पर्यावरण की’ निर्मिति सहज होती है । ‘सूक्ष्म पर्यावरण’ अर्थात ‘भूमि के सूक्ष्म जीवाणु एवं केंचुए के कार्य के लिए आवश्यक वातावरण ।