अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने के उपरांत, कश्मीर से एक भी कश्मीरी हिन्दू विस्थापित नहीं हुआ है ! – केंद्र सरकार

अनुच्छेद ३७० के निरस्त होने के उपरांत से अब तक कश्मीर में कितने कश्मीरी हिन्दुओं का पुनर्वसन किया गया है ? कितने लोगों ने वहां भूमि खरीदी है ? इसके आंकडे भी सरकार दे ! हिन्दुओं को ऐसा लगता है !

नागालैंड में सुरक्षा बलोंद्वारा आतंकवादी समझ कर की गई गोलीबारी में १३ नागरिकों की मृत्यु !

सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि, इस क्षेत्र में ‘एनएससीएन’ नामक आतंकी समूह के आतंकी हैं तथा वे आक्रमण की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए, कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। सुरक्षाबलों के सैनिकों ने वाहन रोकने के लिए कहा; परंतु, वाहन नहीं रुका। इसके पश्चात, सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की।

मथुरा में प्रशासन की ओर से जमाबंदी लागू !

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर स्थित ईदगाह मस्जिद में ६ दिसंबर को श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापन कर उस पर अभिषेक करने की हिन्दू महासभा की घोषणा का परिणाम !

कोरोना के रोगियों की संख्या घटने से प्लैटफॉर्म टिकट का मूल्य ५० रुपए से पुनः १० रुपए किया गया !

मध्य रेल ने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी । कोरोना काल में प्लैटफॉर्म पर यात्रियों की भीड न हो; इसके लिए इस टिकट का मूल्य बढाने का निर्णय लिया गया था ।

बल्लभगढ (हरियाणा) में सरकारी भूमि पर अवैध मजार हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा तोड दी गई !

यदि प्रशासन को आवेदन देने के पश्चात भी कार्यवाही नहीं की जाती हो, तो ऐसा प्रशासन किस काम का ? क्या सरकारी भूमि पर अवैध मजार बनने तक प्रशासन सो रहा था ?

रामपुर (वाराणसी) में शव दफनाने के लिए ‘नट’ समुदाय के लोगों के सामने रखी गई इस्लाम को स्वीकार करने की शर्त !

ऐसा होने के लिए, क्या वाराणसी भारत में है अथवा पाकिस्तान में ? उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को इस घटना की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए, यह हिन्दुओं की मांग है ।

भारत-नेपाल सीमा पर, मस्जिदों और मदरसों की संख्या में पिछले दो दशकों में चार गुना वृद्धि हुई !

मदरसों और मस्जिदों की संख्या चौगुनी होने तक क्या पुलिस, सुरक्षा और प्रशासन सो रहे थे ? उनके विरुद्ध अभी भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है ?

आर्थिक रूप से दुर्बल लोगों के लिए, आरक्षण की शर्त होने वाली ८ लाख रुपए की वार्षिक आय सीमा की संख्या क्या आपने हवा से निकाली है ? – सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र सरकार से प्रश्न 

न्यायालय के आदेश के पश्चात भी यदि ऐसे मंद गति से काम हो रहा है, तो कोई कल्पना कर सकता है कि सामान्य व्यक्तियों के काम का क्या होता होगा !

केंद्र सरकार के ‘आयुध निर्माण बोर्ड’ को भंग कर ७ प्रतिष्ठानों का गठन !

इस बोर्ड में करीब ७५,००० कर्मचारी काम कर रहे हैं और उन्हें इन प्रतिष्ठानों में केंद्रीय कर्मचारियों के रूप में बिना किसी को नौकरी से निकाले रखा जाएगा। यह प्रक्रिया अगले २ वर्षों में पूरी कर ली जाएगी।

गुरुग्राम (हरियाणा) यहां सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढने की पुलिस की अनुमति !

सार्वजनिक स्थान पर कुछ भी करने से पहले प्रशासन की अनुमति लेना आवश्यक होता है । यदि प्रत्येक शुक्रवार को नमाज पढने की अनुमति ली गई होगी, तो हिन्दुओं द्वारा प्रत्येक दिन विविध देवताओं की पूजा और स्तोत्र पढने की अनुमति मांगी, तो इसे गलत नहीं कह सकते !