जागतिक स्तर पर ३ जुलाई था अब तक का सबसे उष्ण दिन !

इस परिस्थिति के लिए वैज्ञानिक उपकरणों का अत्यधिक उपयोग कारणीभूत है ! यदि अभी इस पर लगाम नहीं लगाई, तो अगली पीढियों के लिए यह परिस्थिति और अधिक भयानक होगी, यह समझ लें !

धर्मांध मुसलमानों द्वारा फ्रांस के उपरांत अब बेल्जियम एवं स्वित्जरलैंड में भी हिंसाचार !

दंगे करनेवालों में मुसलमान नवयुवतीयों का भी समावेश है । यहां इन धर्मांधों द्वारा पेट्रोल बम का उपयोग किया जा रहा है ।

(…..और इनकी सुनिए) ‘जिहाद के माध्यम से फ्रांस बनेगा इस्लामी देश !’ – पैलेस्टाईन के मौलाना अबु तकी अल-दिन-अल् दारी

इस्लाम को तो शांति का धर्म कहा जाता है, तो उसके नाम पर संबंधित मौलाना का वक्तव्य, साथ ही फ्रांस में चल रही हिंसा से इस्लामी देशों का ‘इस्लाम सहयोग संगठन’, साथ ही संपूर्ण विश्व के इस्लामी विद्वान चुप क्यों बैठते हैं ?

नगरसेवक (मेयर) की हत्या करने का प्रयास !

फ्रान्स में लगातार ५ दिनों से हिंसा आरंभ ही है । हिंसा करनेवाले धर्मांध मुसलमानों ने पॅरिस के उपनगर के नगरसेवक के निवासस्थान को जलती हुई चारपहिए की गाडी से टक्कर मारी ।

फ्रान्स में हिंसा जारी है : १३०० से अधिक नागरिकों को बंदी बनाया

यातायात के नियमों का उल्लंघन करनेवाले एक १७ वर्षीय अल्प आयु के लडके पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में उसकी मृत्यु हो गई । इस घटना से फ्रान्स में भडकी हिंसा अभी तक जारी है ।

योगी आदित्यनाथ को फ्रांस भेजने पर २४ घंटे में सब कुछ ठीक हो जाएगा !

फ्रांस में हुई हिंसा पर यूरोप के एक ईसाई डॉ. की मांग !

#Exclusive: मदरसे ही सर्व रक्तपात के पीछे के मूल कारण हैं ! – आरिफ अजाकिया

फ्रांस में फ्रेंच पुलिस द्वारा अरब वंश के एक युवक की हत्या होने पर वहां देशव्यापी हिंसाचार हुआ । वहां के सहस्रों धर्मांध मुसलमान हिंसाचार कर रहे हैं । इसकारण ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधि ने अजाकिया को इस विषय पर संपर्क साधा तब उन्होंने ऐसा कहा ।

स्वीडन में न्यायालय की अनुमति से प्रदर्शनकारी ने मस्जिद के बाहर जलाई कुरान !

तुर्कीये द्वारा निषेध व्यक्त !
स्वीडन द्वारा स्पष्टीकरण : पुलिस कार्रवाई करेगी !

इटली में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढने पर प्रतिबंध लगानेवाला कानून बनेगा !

इटली जैसा देश यदि ऐसा कानून बनाने का प्रयास कर सकता है, तो भारत की १०० करोड से अधिक जनता को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढने के कारण जो कष्ट होता है, वहां ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया जा सकता ?

रूस की विद्रोही ‘वैगनर ग्रुप’ सेना पीछे हटी !

चर्चानुसार प्रिगोजिन पर कोई भी अभियोग नहीं चलाया जाएगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के बेलारूस भेजना पुतिन ने मान्य किया है । इसके साथ ही ‘वैगनर ग्रुप’ सेना पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी ।