Former Nepal King Gyanendra : नेपाल के पूर्व राजा नरेश ज्ञानेन्द्र की सुरक्षा घटाई गई !

नेपाल में हिन्दू राष्ट्र की मांग के दौरान हुई हिंसा के परिणाम

नेपाल के पूर्व राजा नरेश ज्ञानेन्द्र

काठमांडू (नेपाल) – नेपाल सरकार ने पूर्व राजा नरेश ज्ञानेंद्र शाह की सुरक्षा कम करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नेपाल में राजशाही की मांग को लेकर हो रही हिंसा के बीच लिया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड समेत कई नेताओं ने इस हिंसा के लिए पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह पर गंभीर आरोप लगाए। ज्ञानेंद्र शाह के निजी आवास निर्मल निवास पर २५ सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे; लेकिन अब सरकार ने उनकी संख्या १६ कर दी है।

१. नेपाल के गृह मंत्रालय ने पूर्व नरेश की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी बदल दिया है। सरकार ने पूर्व राजा पर निगरानी भी बढ़ा दी है। नेपाल की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने भी हिंसा के लिए पूर्व नरेश को जिम्मेदार ठहराया है।

२. पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने कहा कि अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि इन सबके पीछे ज्ञानेंद्र शाह का हाथ है। यह पहले भी देखा गया है और अब भी देखा जा रहा है कि ज्ञानेन्द्र शाह के इरादे ठीक नहीं हैं; लेकिन अब समय आ गया है कि सरकार सख्त कदम उठाए। इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को दंड करना चाहिए। ज्ञानेन्द्र शाह को अभी पूरी आजादी नहीं दी जा सकती। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और नेपाल सरकार को इस दृष्टिकोण को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

३. २८ मार्च को नेपाल में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक प्रदर्शनकारी और एक पत्रकार भी शामिल थे। हिंसा इतनी बेकाबू हो गई थी कि हिंसा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा और सेना तैनात करनी पड़ी। नेपाल में राजशाही को बहाल करने की मांग के चलते हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि संवैधानिक राजतंत्र और हिन्दू राष्ट्र की बहाली ही देश की समस्याओं का समाधान है।