रामकृष्ण परमहंस एवं स्वामी विवेकानंद के विषय में आक्षेपार्ह विधान करने पर ‘इस्कॉन’के धार्मिक नेता अमोघ लीला दास को बनाया बंदी !

अमोघ लीला दास ने अपने विधान के लिए क्षमा मांगी है ।

बंगाल पंचायत चुनाव में भारी हिंसाचार ! १५ लोगों की मृत्यु !

ध्यान दें कि कोई भी राजनीतिक दल बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं कर रहा है ! अब देश की जनता को इसकी मांग करनी चाहिए !

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभा में बम विस्फोट से एक कार्यकर्ता की मृत्यु !

बंगालकी यह स्थिति वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की अनिवार्यता स्पष्ट कर रही है !

बंगाल में भाजपा के पदाधिकारियों की हत्या

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार का राज्य के कानून एवं सुव्यवस्था के विषय में देश के निधर्मीवादी एवं आधुनिकतावादी राजकीय पक्ष मौन साध लेते हैं, यह ध्यान में रखें !

बंगालमें तृणमूल कांग्रेसके कार्यकर्ताकी हत्या

बंगालमें कानून और व्यवस्थाकी बिगड़ी हुई स्थिति वहां राष्ट्रपति शासन अनिवार्य कर रही है !

बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की मृतदेह घर में फांसी लगी अवस्था में पाई गई !

तृणमूल कांग्रेस सरकार विसर्जित कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना ही बंगाल में हो रही इन घटनाओं पर एकमेव उपाय है ! ऐसी हत्या अन्य पक्षों के कार्यकर्ताओं की भाजपा सरकार के राज्यों में हुई होती, तो अब तक अन्य पक्षों ने आकाशपाताल एक कर दिया होता !

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच हुए झगडे में एक कार्यकर्ता की मृत्यु

बंगाल में राष्ट्रपति शासन कब लागू होगा ?

बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए केंद्रीय बल की नियुक्ति योग्य ! – सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय 

पंचायत स्तर के चुनावों के लिए केंद्रीय बल को तैनात करना पडता है, यह तथ्य स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बिगड चुकी है । इसलिए केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए !

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के मुसलमान कार्यकर्ता की हत्या

मालदा जिले में कालियाचक के भांगर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और ‘इंडियन सेकुलर फ्रंट’ के कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता की मृत्यु हो गई ।

तृणमूल कांग्रेस के २ दलों ने १०० स्थानों में एक-दूसरे पर बम फेंकें !

एक-दूसरे पर बम फेंककर हिंसा करनेवाली पार्टी राज्य में यदि सत्तारूढ है, तो यह लोकतंत्र के लिए कलंक ! स्वयं को लोकतंत्र के सेवक समझनेवाले अब तृणमूल कांग्रेस कर रही इस हिंसा के संदर्भ में क्यों नहीं बोलते ?