युक्रेन को सहायता करने का खालिस्तानी आतंकवादियों का आवाहन !

खालिस्तानी आतंकवादियों को नष्ट करने के लिए सरकार ने अभी से ही कठोर कदम उठाना आवश्यक है !

हरियाणा के सोनीपत में खालिस्तानी आतंकवादियों के लिए काम करने वाले ३ सदस्यों को हिरासत

खालिस्तानी आतंकवाद जड से नष्ट नहीं किया, तो उसका परिणाम आगे भारत को भोगना पडेगा । इसके लिए सरकार कब कदम उठाएगी ?

भारत में हो रही आतंकवादी कार्यवाहियां एवं उस पर एकमात्र समाधान योजना !

प्रसार माध्यमों के अनुसार, पाकिस्तानी एवं खलिस्तानी आतंकवादी प्रत्येक बार किसी न किसी निमित्त से भारत में अशांति निर्माण करने का प्रयत्न करते हैं । इससे भारतीय सुरक्षा तंत्र बब्बर खालसा, इंटरनेशनल खालिस्तानी कमांडो फोर्स, यूथ फेडरेशन जैसी अनेक आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर कडी निगरानी रखे है ।

कोटा (राजस्थान) में काँग्रेस सरकार द्वारा ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ नामक जिहादी संगठन की फेरी को अनुमति !

हिन्दुओ, ध्यान रखो ! कांग्रेस हिन्दुओं एवं उनकी संगठनों को ‘भगवा आतंकवादी’ कहती है; परंतु जिहादी संगठनों को सिर पर बिठाती है !

‘भारत में हिन्दू राष्ट्रवाद यह चिंता का विषय है !’

भारत में हिन्दू राष्ट्रवाद नहीं, अपितु ‘इस्लामी राष्ट्रवाद’ गत ७४ वर्षाें से चिंता का विषय बना है ! ‘इस्लामी राष्ट्रवाद’ के कारण ही कश्मीर में हिन्दुओं का वंशसंहार कर, उन्हें वहां से भगा दिया गया, इस विषय में अन्सारी क्यों मुंह नहीं खोलते ?

पाक सीमा पर ३०० से ४०० आतंकी घुसपैठ की सिद्धता में !

पाकिस्तान को नष्ट करने पर आतंकवाद अपने आप समाप्त हो जाएगा । इसको ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार को अब भारतीय सेना को पाकिस्तान का अंत करने की छूट देनी चाहिए ; ऐसा ही राष्ट्रप्रेमियों को लगता है !

हिन्दुओं की दयनीय स्थिति : कारणमीमांसा एवं समाधान योजना

हिन्दुओं की दुर्दशा का प्रमुख कारण यह है कि वे अनेक शताब्दियों से शुद्ध राष्ट्रवादी, दूरदर्शी, झुझारू एवं प्रभावी नेतृत्व के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं । परिणामस्वरूप आज मुख्य प्रवाह राजकीय लोकतंत्र, व्यवस्था एवं झूठी धर्मनिरपेक्षता के बंधन में विवश होकर कुंठित हो गई है ।

नागालैंड में सैनिकों की गोलाबारी में नागरिकों की मृत्यु और उसके उपरांत सामने आई प्रतिक्रियाएं !

४ दिसंबर २०२१ को नागालैंड में भारतीय सेना की गोलाबारी में १३ नागरिकों की मृत्यु होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई । इस राज्य में विद्रोहियों के कई समूह कार्यरत हैं; परंतु वर्तमान में उन्होंने भारतीय सेना के साथ शस्त्रसंधि की हुई है । उसके कारण उनमें आक्रमण नहीं होते; परंतु ऐसी संभावना सदैव ही बनी रहती है ।

‘भारतीय भाषा, वेष और विचारों की पुनर्स्थापना से ही देश स्वतंत्र एवं स्थिर हो सकेगा’, यह संदेश देने के लिए यह गणतंत्र दिवस आया है ।

हमारे राष्ट्रपुरुषों के आत्मसमर्पण के मूल में सनातन धर्म की प्रेरणा थी । उसका विस्मरण होने के कारण क्या हम एक राष्ट्र बनकर रह सकते हैं ? आज गणतंत्र दिवस निमित्त यही प्रश्न हमारे सामने है ।