
१. ‘प्रमुख संगठक’ के रूप में प.पू. डॉ. आठवलेजी का नाम दर्शाता शिवसेना की ‘भारतीय विद्यार्थी सेना’ का पत्रक
२. वर्ष १९६५ में ‘यूथ फोरम’ के चिकित्सालय का हस्तपत्रक; परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी इसके संस्थापक-अध्यक्ष थे ।
३. वर्ष १९६९ से १९७१ की कालावधि में वे शिवसेना की ‘विद्यार्थी सेना’ के संगठक थे ।
४. वर्ष १९७० से १९७१ के काल में वे ‘आर्यन एज्युकेशन सोसाइटी भूतपूर्व विद्यार्थी संघ’ के कार्याध्यक्ष थे ।
अन्य शिक्षा, अभिरुचियां एवं निपुणतापत्रक

कला
अ. संगीत : पेटी (हार्माेनियम), बुलबुल तरंग एवं माऊथ ऑर्गन बजाना;
आ. चित्रकला की प्रतियोगी परीक्षा देना
क्रीडा
अ. भूमि पर स्केटिंग करना; आ. तैरना, इ. टेबल टेनिस खेलना; ई. हॉकी सीखना
अन्य शिक्षा
अ. हिन्दी की प्रतियोगी परीक्षाएं देना,
आ. एन.सी.सी.) में सहभाग,
कौशल
अ. ध्वनि-अभिलेखन, आ. घुडसवारी,
इ. छायाचित्रीकरण, ई. पर्वतारोहण,
(डॉ. जयंत आठवलेजी की विद्यार्थी दशा की सभी अभिरुचियां उनकी ‘कलात्मकता’, ‘शौर्य’, ‘निर्भयता’ इत्यादि गुण बढाने हेतु पूरक ही थीं । चलचित्र (सिनेमा), पब, पार्टी इत्यादि में तल्लीन रहकर समय व्यर्थ करनेवाली वर्तमान युवा पीढी इससे बहुत कुछ सीख सकती है ।’ – संकलनकर्ता)