मुझे इंजेक्शन देकर मारने की संभावना ! – इमरान खान का आरोप

मुझे २४ घंटे में एक बार भी प्रसाधन गृह में नहीं जाने दिया गया, उन्होंने यह आरोप भी लगाया । इमरान को यहां के पुलिस लाईन कारागृह में रखा गया है ।

पाकिस्तान में हिंसाचार में ६ लोगों की मृत्यु !

भूतपूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बंदी प्रकरण
देशभर में हिंसाचार अब भी जारी !
देशभर में निजी (प्राइवेट) विद्यालय बंद !

(कहती है) ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान में अराजकता फैला रहे हैं !’

पाकिस्तान के केवल राजनेता ही नहीं; अपितु वहां के खिलाडी, कलाकार आदि सभी के रोम रोम में किस सीमा तक भारतद्वेष व्याप्त है, यह इससे ध्यान में आता है ।

पाकिस्तान के भूतपू‌र्व प्रधानमंत्री इम्रान खान को बनाया बंदी !

पाकिस्तान के भूतपूर्व प्रधानमंत्री इम्रान खान काे ९ मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से बंदी बनाया गया । इम्रान खान २ प्रकरणों में प्रतिभूति (जमानत) के लिए उच्च न्यायालय में आए थे, तब उनपर यह कार्रवाई की गई ।

पाकिस्तानी ड्रोन पुन: अमृतसर में घुसा : डेढ किलो हेरॉईन (मादक पदार्थ) जप्त !

आए दिन भारत में उपद्रवी गतिविधियां करनेवाले पाक को भारत सबक कब सिखाएगा ?

पाकिस्तान १९९ भारतीय मछुआरों को छोडने के लिए तैयार !

सद्भावना की दृष्टि से पाकिस्तान सरकार १९९ भारतीय मछुआरों को १२ मई को छोडने वाला है, ऐसा समाचार सुनने में आ रहा है । वर्तमान में यह सभी आरोपी कराची कारागार में बंद हैं ।

(कहते हैं) ‘भारत के विदेश मंत्री द्वारा मुसलमान विरोधी नीतियों को प्रोत्साहन !’

भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने सदैव पाकिस्तान को उसकी स्थिति को लेकर फटकारा है । इसलिए यदि भुट्टो उनका नाम सुनते ही बौखला जाते हों, तो उसमें आश्चर्य किस बात का ?

पाकिस्तान में खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पंजवार की हत्या

खालिस्तानी आतंकवादी संगठन,  खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार की सनफ्लॉवर सोसाइटी में बाइक सवार अज्ञात आक्रमणकारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी ।

पाकिस्तान के एक विद्यालय में गोलीबारी से ७ शिक्षक मरे !

इस आक्रमण के पीछे का कारण अभीतक पता नहीं चला है । इसके पास ही हुई गोलीबारी की दूसरी घटना में २ शिक्षकों की मृत्यु हुई है ।

पाकिस्तान को सूचना उपलब्ध कराने के प्रकरण में पुणे में डी.आर.डी.ओ. के संचालक को ए.टी.एस. ने बंदी बनाया !

मातृभूमि के साथ विश्वासघात करने वाले ऐसे अधिकारियों के लिए कठोर दंड की अपेक्षा की जाती है । डी.आर.डी.ओ. जैसे राष्ट्ररक्षा से जुडे एक महत्त्वपूर्ण संगठन में यदि इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, तो यह स्थिति अत्यंत गंभीर  है !