वैश्विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का चौथा दिन (२७ जून)

विद्याधिराज सभागार – सनातन धर्म से ही शांति मिलती है, इस पर विदेशों के लोग भी विश्वास करते हैं । कुछ शक्तियां इस सनातन हिन्दू धर्म का नाश करने हेतु प्रयासरत हैं । इसे रोकने हेतु सभी संत, हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन तथा हिन्दू धर्मप्रेमियों को प्रयास करने पडेंगे, तभी हमारा धर्म टिका रहेगा । हिन्दू धर्माचरण के पीछे आध्यात्मिकता के साथ वैज्ञानिक विचार भी है ।
Proactively providing Dharmashiksha to the Hindu community is the need of the hour – Sri Veerabhadra Shivacharya Mahaswami, BaleHonnur Shakha Mutt, Siddara Betta
Vaishvik Hindu Rashtra Mahotsav
It is the duty of Sadhus, Saints and Mathadhishwars to conserve and propagate Hindu… pic.twitter.com/f3vCcCPg1K
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 27, 2024
अन्य धर्मी लोग उनके धर्म के विषय में प्रश्न नहीं पूछते; परंतु हिन्दू धर्माचरण करने से पूर्व प्रश्न पूछते हैं; इसलिए हमें हिन्दुओं को धर्माचरण के पीछे समाहित वैज्ञानिक कारण बताने आवश्यक हैं । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में सभी को सफलता मिले, ऐसा तुमकुरू (कर्नाटक) के वीरभद्र शिवाचार्य महास्वामीजी महाराज ने ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’में दिया ।
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हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न