चीन ने अपने लापता भूतपूर्व विदेशमंत्री एवं रक्षामंत्री को मार डाले हैं !

ब्रिटेन के प्रसारमाध्यमों का दावा

दो नेपाली नागरिकों को वहां के न्यायालय ने अपराधी ठहराया !

भारत में बमविस्फोट करने का किया था प्रयास !
२ भारतीय नागरिकों की हत्या की थी !

(और इनकी सुनिए…) ‘भारत द्वारा होनेवाली जांच के निष्कर्ष (रिजल्ट) की प्रतीक्षा करेंगे !’ – अमेरिका

अमेरिका के खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के कथित षड्‌यंत्र में भारत सरकार के सहभागी होने के आरोप का प्रकरण

पाकिस्तान में खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर रोडे की मृत्यु 

‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ का था प्रमुख और जर्नेलसिंह भिंद्रनवाले का था भतीजा

मेरी हत्या के उपरांत भी खलिस्तान की मांग पर कोई परिणाम नहीं होगा ! – गुरपतवंत सिंह पन्नू

अमेरिका ने ‘सिख फॉर जस्टिस’ नामक खलिस्तानी आतंकवादी संगठन का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या का कथित षड्यंत्र रचने के प्रकरण में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को बंदी बनाया है ।

सुरंगों से संबंधित काम के अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स द्वारा भारतीय शाकाहारी भोजन की प्रशंसा !  

डिस्क ने कहा, ‘भारतीय शाकाहारी भोजन अत्यंत स्वादिष्ट और आरोग्यदायी हैं । अब मुझे अपने घर लौटने की इच्छा नहीं हो रही है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘चीन से प्रतिस्पर्धा करने के लिए ही भारत दूसरा स्वदेशी विमानवाहक जहाज बना रहा है !’- ‘ग्लोबल टाइम्स’

भारत के अभी तक के विमानवाहक जहाज चीन की तुलना में बहुत पीछे होने का किया वक्तव्य !

(और इनकी सुनिए…) ‘जो हम कह रहे थे, वही सामने आया है !’ – कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो

अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या का षड्‌यंत्र रचा था । इस प्रकरण में निखिल गुप्ता नामक भारतीय नागरिक को बंदी बनाया गया था । इस घटना के उपरांत ट्रुडो ने ऐसा कहा है ।

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में भारतीय नागरिक बंदी !

अमेरिका की कार्रवाई !
अमेरिका का दावा है कि एक भारतीय अधिकारी ने पन्नू की हत्या का आदेश दिया था

काशी-मथुरा मुक्ति अभियान महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय है ! – अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन

भारत को हिन्दू राष्ट्र कैसे घोषित कर सकते हैं, इस पर विचारमंथन एवं कृति रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा यहां आयोजित २ दिवसीय ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’का प्रारंभ १८ नवंबर को हुआ ।