शस्त्रास्त्रों (आयुधों) का निर्यात करने में भारत का विश्व में २३ वां स्थान !
अफ्रीकन देशों को अत्यधिक निर्यात करता है !
अफ्रीकन देशों को अत्यधिक निर्यात करता है !
चीन की सेना का पीछे हटना, ‘पुल आउट’ (बाहर निकलना) नहीं, अपितु भारत की ओर से उसे दिया हुआ ‘पुश बैक’ (पीछे ढकेलना)
इस प्रकार से शस्त्रों का जखीरा नियंत्रण में लेने की अपेक्षा ‘सौ सुनार की, एक लुहार की’, इस तत्त्व के अनुसार आगे जाकर एक ही वार में जिहादी आतंकवाद का संरक्षण पाकिस्तान को नष्ट कर देना अधिक उचित है, इसे राजकर्ता कब ध्यान लेंगे ?
ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? यदि टी. राजा सिंह के प्राण संकट में हैं, तो सरकार उन्हें कारागृह में सुरक्षापूर्ति क्यों नहीं करती ?
इससे पूर्व खालिस्तानी आतंकवादियों का सर कुचला जा चुका है । अब पुन: उनकी गतिविधियां आरंभ हो गई हैं । इन आतंकवादियों के पुन: सिर ऊपर उठाने से पूर्व ही उन पर कठोर कार्यवाही करना आवश्यक है !
डोवाल को ‘जेड प्लस’ स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है । इसमें कुल ५८ सुरक्षा अधिकारी तथा कर्मचारी सम्मिलित हैं ।
जहाज के दौरे को भारत का विरोध कायम
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका सहित अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, इजिप्त, इंडोनेशिया और फिलीपींस भी तेजस सिंगल-इंजन लड़ाकू विमान (जेट) खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं ।
जब तक भारत चीन को सबक नहीं सिखाएगा, तब तक चीन ऐसे ही दादागिरि करता रहेगा, यह समझकर सरकार को अब तो चीन जिस भाषा में समझे, उसी भाषा में सबक सिखाना चाहिए !
इससे कांग्रेस का एक और राष्ट्रद्रोही कृत्य उजागर ! कृपया ध्यान दें कि न केवल खालिस्तानी आतंकवाद, अपितु जिहादी आतंकवाद को बढावा देने में भी कांग्रेस द्वारा मुसलमानों की चापलूसी करना ही एक बहुत बडा कारण है !