(और इनकी सुनिए …) ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ ये सभी मूर्खतापूर्ण बातें – Abu Azmi

अबू आजमी का हिन्दूद्वेषी विषवमन

मुंबई – जिहाद एक अत्यंत आदरणीय शब्द है । संघर्ष को ‘जिहाद’ कहा जाता है । ‘लव जिहाद’, ‘लैंड (भूमि) जिहाद’, ये सभी मूर्खतापूर्ण बाते हैं । ‘लैंड जिहाद’ शब्द ही काल्पनिक है । पुराने समय से हिन्दू-मुसलमानों के मध्य विवाह होते आ रहे हैं तथा इसमें केवल प्रेम होता है । भारत का कोई भी मुसलमान संगठन हिन्दू लडकियों से द्रोह कर उसके साथ विवाह करने के लिए नहीं कहता, उसके विपरीत हिन्दू संगठन ही इसके लिए पैसा देते हैं, ऐसा अत्यंत हास्यास्पद तथा वास्तविकता से ध्यान हटाने वाला वक्तव्य समाजवादी दल के विधायक अबू आजमी ने दिया । अपने वक्तव्य में उन्होंने उल्टे हिन्दू संगठनों पर ही मुसलमान लडकियों को लालच देकर उनके साथ विवाह कराने का आरोप लगाया है ।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश का संविधान यह बताता है कि आयु के १८ वर्ष के उपरांत व्यक्ति स्वतंत्र होता है, वह किसी भी धर्म में जा सकता है तथा वह उसकी इच्छा के अनुरूप विवाह कर सकता है, परंतु अब इस स्वतंत्रता को जानबूझकर लक्ष्य बनाया जा रहा है । (संविधान के नाम पर स्वयं के स्वार्थ के लिए हिन्दुओं की लडकियों एवं भूमियों को संकट में डालनेवाली जिहादी गतिविधियों का समर्थन करना अबू आजमी जैसे नेताओं की पुरानी नीति रही है – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • देश में ‘द केरला स्टोरी’ जैसी फिल्मों से तथा न्यायालयों के विभिन्न निरीक्षणों से ‘लव जिहाद’ उजागर हुआ है, परंतु ऐसा होते हुए भी अपने धर्म के लोगों का हिन्दूद्वेष छिपाने के लिए अबू आजमी के द्वारा किया गया यह दयनीय प्रयास ही मूर्खता दर्शानेवाला है ।
  • अनेक राज्यों ने इस बढते संकट का संज्ञान लेकर ‘धर्मांतरणविरोधी’ कानून बनाए हैं, अबू आजमी क्या इसे ध्यान में लेंगे ?