अक्षय तृतीया के पर्व पर ‘सत्पात्र को दान’ देकर ‘अक्षय दान’ का फल पाएं !
‘१९.४.२०२६ को ‘अक्षय तृतीया’ है । इस दिन की कोई भी घटिका शुभमुहूर्त ही होती है । इस दिन किए जानेवाले दान और हवन का क्षय नहीं होता; अर्थात उनका फल हमें प्राप्त होता ही है । इसलिए बहुत-से लोग इस दिन बडी मात्रा में दानधर्म करते हैं ।