विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की जानेवाली प्रतियोगिताओं में विजेता छात्रों को पुरस्कार के रूप में सनतान के ग्रंथ एवं लघुग्रंथ दें !
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों से विनम्र अनुरोध !
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों से विनम्र अनुरोध !
सप्तर्षि जीवनाडीपट्टिका में किए गए उल्लेख के अनुसार, सर्वत्र के सनातन के साधकों को युद्धकाल के लिए श्रीकृष्ण तथा रामराज्य के लिए श्रीराम के आशीर्वाद प्राप्त होना आवश्यक है ।
सभी पाठकों, शुभचिंतकों तथा धर्मप्रेमियों से नम्र निवेदन !
सनातन संस्था अध्यात्मप्रसार, सामाजिक सहायता एवं राष्ट्ररक्षा हेतु कार्यरत है । इसमें स्वाभाविक ही व्यक्तिगत हितसंबंध संजोना नहीं आता; इसलिए किसी भी प्रकार के कार्याें के संबंध में व्यक्तिगत स्तर पर आवश्यक ध्यान रखकर उन्हें स्वयं के दायित्व पर करें, सभी से यह विनम्र अनुरोध है ।
नवरात्रि के कारण देवीभक्त शास्त्रोक्त पद्धति से देवी की आराधना कर सकें तथा उससे भक्तों को देवीतत्त्व का अधिक से अधिक लाभ हो, इस दृष्टि से इन ग्रंथों एवं उत्पादों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है ।
‘२२.९.२०२५ से नवरात्रोत्सव आरंभ हो रहा है । इस काल में देवीतत्त्व सामान्य की तुलना में १ सहस्र गुना कार्यरत होता है । नवरात्रि के उपलक्ष्य में व्यापक धर्मप्रसार होने हेतु निम्न प्रयास कर देवी की कृपा प्राप्त करें ।
उद्योगपतियो, हिन्दुओं को धर्म की शिक्षा देकर उन्हें धर्मरक्षा के लिए प्रेरित करनेवाले ‘सनातन पंचांग’ में अपने प्रतिष्ठान के विज्ञापन छपवाकर उनके वितरण से धर्मप्रसार के कार्य में सम्मिलित हों !
इस कार्यक्रम में देशभर से विभिन्न संत-महंत, गोवा के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री जैसे जनप्रतिनिधियों सहित उच्चपदस्थ अधिकारी, समाज के मान्यवर हितचिंतक, जिज्ञासु तथा सनातन के साधक एवं सहस्रों भक्त उपस्थित थे ।
किसी योजना का चयन करते समय और उसके लिए आवेदन करते समय केवल ‘आधिकारिक पोर्टल या ऐप’ का उपयोग करें।