साधकों के लिए सूचना
१. यात्रा में अपने पास ग्रंथ, लघुग्रंथ, साथ ही ‘सनातन प्रभात’ के नियतकालिक भी रखें !
‘७ से १७ सितंबर २०२४ की समयावधि में गणेशोत्सव है । इस अवसर पर अनेक साधक अपने गांव जाते हैं । यात्रा के समय यथासंभव साधक अपने पास सनातन द्वारा प्रकाशित ग्रंथ, लघुग्रंथ, साथ ही सात्त्विक उत्पाद रखें । सहयात्रियों को उनका महत्त्व बताकर प्रसार करें । उसी प्रकार ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिक के २ – ३ अंक भी स्वयं के पास रखें तथा उन्हें बताकर उसके पाठक होने के लिए प्रोत्साहित करें ।
२. राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में सहभागी होने हेतु इच्छुक लोगों की जानकारी भेजें !
साधकों को सहयात्रियों की रुचि ध्यान में रखते हुए उन्हें साधना, राष्ट्र एवं धर्म के कार्य के संदर्भ में बताएं । यदि वे राष्ट्र एवं धर्म-कार्य में सहभागी होने हेतु तैयार हैं अथवा नियतकालिकों के पाठक होने हेतु उत्सुक हैं, तो उनकी जानकारी संबंधित उत्तरदायी साधकों को भेजें ।
३. साधकों एवं धर्मप्रेमियों द्वारा यात्रा के समय ग्रंथ एवं लघुग्रंथ का प्रसार करने पर उन्हें उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिलना
कुछ साधकों एवं धर्मप्रेमियों ने यात्रा करते समय साथ में सनातन के कुछ ग्रंथ एवं लघुग्रंथ रखे थे । उन्होंने आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सहयात्रियों को ग्रंथ दिखाए एवं उनमें विद्यमान जानकारी देकर प्रसार किया । सहयात्रियों ने उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिया ।’ (११.८.२०२४)

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