साधकों को सूचना तथा धर्मप्रेमियों एवं हिन्दुत्वनिष्ठों से अनुरोध !
‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने विगत ५० वर्षाें से अध्यात्म, साधना, धर्म, राष्ट्र जैसे विभिन्न विषयों पर कतरनों (क्लिपिंग्स) का संग्रह कर रखा है । सनातन के साधक विगत २५ वर्षाें से इन सभी कतरनों में से चुनिंदा लेखों का टंकण एवं संकलन करने की अखंडित सेवा कर रहे हैं । इन कतरनों में ज्ञानयोग से संबंधित भी बहुत लेख हैं । सामान्य व्यक्ति को इस लेख का आकलन होना कठिन है । ज्ञानयोग में रुचि रखनेवाले को ही इस लेख का आकलन होगा । इस लेख के संगणकीय टंकण तथा संकलन की सेवा उपलब्ध है । इस सेवा के लिए ज्ञानयोग में रुचि रखनेवालों की आवश्यकता है । इस सेवा हेतु मराठी, हिन्दी, अंग्रेजी, कन्नड इत्यादि में से किसी भी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है । यह सेवा करने के इच्छुक व्यक्ति सेवा सीखने हेतु कुछ दिन आश्रम में आकर रह सकते हैं तथा उसके उपरांत घर पर भी यह सेवा कर सकते हैं । इस सेवा में सहभागी होने के इच्छुक व्यक्ति अपनी निम्न जानकारी दें –
| विवरण | जानकारी |
| १. नाम एवं आयु | |
| २. पता | |
| ३. ज्ञानयोग के प्रति रुचि के विषय में जानकारी (ज्ञानयोग से संबंधित ग्रंथों का वाचन अथवा साधना) |
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| ४. क्या आपको संगणकीय ज्ञान है ? | |
| ५. सेवा हेतु कितना समय दे सकते हैं ? (प्रतिदिन कितने घंटे अथवा सप्ताह में कितने घंटे ?) |
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| ६. क्या सेवा हेतु कुछ अवधि तक आश्रम में आकर रह सकते हैं ? |
नाम एवं संपर्क क्रमांक : श्रीमती भाग्यश्री सावंत – 7058885610
संगणकीय पता : [email protected]
डाक पता : श्रीमती भाग्यश्री सावंत, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा पिन – ४०३४०१

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?