अमेरिका किसको मूर्ख बना रहा है?
विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को दिए गए एफ-१६ विमानों के संबंध में अमेरिका को खरी-खरी सुनाई !
विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को दिए गए एफ-१६ विमानों के संबंध में अमेरिका को खरी-खरी सुनाई !
रूस-यूक्रेन युद्ध कूटनीति के आधार पर रोका जाय, ‘इस युद्ध में भारत किसके पक्ष में है ?’ हमें नित्य ऐसा पूछा जाता है । इस पर हमारा एक ही सीधा एवं प्रामाणिक उत्तर है, ‘भारत शांति के पक्ष में है और इस पर सदैव अडिग रहेगा’, ऐसा भारत के विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में प्रतिपादन किया ।
कश्मीर भारत का अविभाज्य भाग है, पाकिस्तान इसे मान्य करे तथा वहां का जिहादी आतंकवाद रुके, तभी पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित हाेंगे, पाकिस्तान इसे ध्यान में रखे !
अमेरिका की संस्था को जो जानकारी मिलती है, यह भारत की अथवा विश्व की एक भी हिन्दू संस्था को अथवा भारत सरकार को क्यों नही मिलती, यह हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद ! ‘यह घटनाएं रोकने के लिए हिन्दुओं के संगठन और भारत सरकार क्या कदम उठाने वाली है ?’, यह उन्होंने बताना चाहिए !
‘जनरेशन जेड’ अर्थात वर्ष १९९७ से २०१२ की अवधि में जन्में लोग अब सामाजिक माध्यमों पर विशेषरूप से फेसबुक पर सक्रिय नहीं । आभासी जग की मित्रता पर से उनका विश्वास उठता जा रहा है, ऐसा ‘प्यू रिसर्च सेंटर’के एक सर्वेक्षण से सामने आया है ।
जब सत्य को न तो स्वीकारा जा सकता है और न ही उसे नकारा, तब मौन रहना पडता है; यही पाकिस्तान ने दिखा दिया । । पाकिस्तानी राजदूत के मौन से विश्व के ध्यान में आया है कि पाकिस्तान में क्या चल रहा है !
‘भारत में मानवाधिकार पांव के नीचे कुचले जाते हैं’, ऐसा कहनेवाली अमेरिका को इस विषय में क्या कहना है ? स्वयं के देश में वर्णद्वेषी आक्रमण रोकने हेतु कुछ भी न करनेवाली अमेरिका को भारत के मानवाधिकारों के विषय में बोलने का क्या अधिकार है ?
अमेरिकी शासन तथा प्रशासन अन्य समय तो भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जाने का भाषण देते रहते हैं; किंतु अमेरिकी नागरिक किस प्रकार आचरण करते हैं, इसकी ओर अनदेखा करते हैं, इससे उनका दोहरा चरित्र दिखाई देता है ! इस संदर्भ में भारत शासन को अमेरिका पर निषेध प्रविष्ट करना चाहिए !
काबुल में जिहादी आतंकवादी संगठन अल-कायदा का प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की हत्या करने हेतु अमेरिका ने पाकिस्तान के आकाशमार्ग का उपयोग किया ।
अमेरिका सदैव भारत में कथित रूप से अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होने का आरोप लगाती है; परंतु उसके ही देश में अनेक शतकों से वर्णद्वेषी घटनाएं होती आई हैं, उनकी ओर अनदेखा करती है !