तमिल भाषा, देवताओं से जुडी होने के कारण, पूजा करते समय उसका प्रयोग किया जाना चाहिए ! – मद्रास उच्च न्यायालय 

तमिल विश्व की प्राचीन भाषा है । यह ईश्वरीय भाषा भी है । तमिल भाषा का जन्म भगवान शिव के डमरू से हुआ था ।पौराणिक कथा के अनुसार, शिव ने प्रथम अकादमी (प्रथम तमिल संगम) की अध्यक्षता की थी । शिव ने तमिल कवि के ज्ञान का परीक्षण करने के लिए थिरुविलयादल, यह खेल भी खेला । अर्थात्, तमिल भाषा देवताओं से जुडी हुई है ।

(कहते हैं) तमिलनाडू के मंदिरों का सोना बैंकों में रखकर, उससे मिलनेवाले ब्याज की राशि का उपयोग मंदिरों के मौलिक सुविधाओं के लिए किया जाएगा !’ – पी.के. सेकरबाबू

मस्जिदों और चर्च का सरकारीकरण कर, उससे प्राप्त धन का उपयोग मौलिक सुविधाओं के लिए करने का विचार धर्मनिरपेक्ष सरकारों द्वारा क्यों नहीं किया जाता ? क्या द्रमुक की सरकार इसका उत्तर देगी ?

गैर-ब्राह्मणों की नियुक्ति करते समय, पूर्व पुजारियों को नहीं हटाया जाएगा ! – द्रमुक सरकार

आगम शास्त्र का अध्ययन करनेवाला ब्राह्मण बन जाता है । वर्णाें की अवधारणा को जानने के लिए गीता का अध्ययन करें । भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, वर्ण जाति के आधार पर नहीं, गुणों पर आधारित हैं ।

मल्लपुरम (तमिलनाडु) में, श्री थलसायाना पेरुमल के प्राचीन मंदिर के सानिध्य में शौचालय बनाने का षड्यंत्र !

तमिलनाडु में मनमानी से मंदिरों के संबंध में निर्णय लेने वाली द्रमुक सरकार का निषेध । तमिलनाडु में हिन्दुओं को इसके विरोध में संगठित होकर संवैधानिक मार्ग से लडना चाहिए !

(कहते हैं) ‘गैर-ब्राह्मणों की नियुक्ति करते समय, पूर्व पुजारियों को नहीं हटाया जाएगा एवं यदि कहीं पर ऐसा किया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी !’ –  द्रमुक सरकार

तमिलनाडु सरकार द्वारा मंदिरों में गैर-ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति का प्रकरण !

‘पिंजरे के तोते’ (सी.बी.आई.) को बेडि़यों से मुक्त करें ! – मद्रास उच्च न्यायालय की ओर से केंद्र सरकार को आदेश

मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच विभाग को अर्थात सी.बी.आई. को ‘पिंजरे का तोता’ कहते हुए ‘इस तोते’ को (सी.बी.आई.को) केंद्र सरकार को उसकी बेडि़यों से मुक्त करना चाहिए’, ऐसा आदेश दिया है ।

तिरुवत्तूर (तमिलनाडु) में एक विवाहित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार कर, चित्रीकरण करने के आरोप में सत्तारूढ द्रमुक कार्यकर्ताओं के साथ एक पादरी के विरुद्ध भी अपराध प्रविष्ट !

पुलिस ने यहां वीयन्नूर गांव में रहने वाली एक विवाहित महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसका चित्रीकरण करने संबंधी प्रकरण प्रविष्ट किया है ।

मद्रास उच्च न्यायालय ने मंदिरों में मुख्य पुजारियों की नियुक्ति का प्रकरण ‘यथावत’ रखने का आदेश दिया  !

ध्यान रखें, जब मंदिरों का सरकारीकरण हो जाता है, तब किसी को भी मंदिर का पुजारी एवं सेवक नियुक्त कर, सरकार हिन्दू परंपराओं का हनन करती है !

वेल्लोर (तमिलनाडु) में वैक्सिनेशन शिविर के लिए आए दल की ईसाई महिला डॉक्टर का मंदिर में चप्पल पहनकर प्रवेश !

मुसलमानों की मस्जिद के नियम तोडने का साहस ईसाई महिला डॉक्टर कर सकती है क्या ? हिन्दुओं के मंदिर में चप्पल पहनकर प्रवेश करने का साहस हिन्दू धर्माभिमानशून्य होने से किया जा सकता है, यह ध्यान में लें !

तिरूनेलवेली (तमिलनाडु) में हिंदुओं के लिए पवित्र पहाड़ पर धर्मांधों ने चांदतारा बनाकर ‘अल्लाह’ और ‘७८६’ लिखा !

रुष्ट हिंदुओं की ओर से कार्यवाही की मांग