उच्चतम न्यायालय के निर्देश देने के उपरांत भी एक याचिका को ६ वर्षों तक निलंबित रखने का प्रकरण !
देशभर के न्यायालयों में ३ करोड से अधिक प्रकरण निलंबित हैं, इन्हें निपटाने का प्रयत्न कब होगा ? – संपादक

चेन्नई (तमिलनाडु)- मद्रास उच्च न्यायालय ने एक प्रकरण में उच्चतम न्यायालय से क्षमा याचना की है । मद्रास उच्च न्यायालय ने एक वित्तीय अपराध के प्रकरण में, एक महिला अभियुक्त से ३ करोड रुपये की फिरौती मांगने के लिए एक पुलिस अधिकारी के विरुद्ध याचिका पर सुनवाई के लिए छह वर्ष का समय लेने के लिए क्षमा मांगी है । २०१५ में उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए निर्देश दिया था, किन्तु मद्रास उच्च न्यायालय ने उसकी सुनवाई के लिए ६ वर्षों की अवधि ली ।
तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट ने अपनी गलती के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, जानें क्या है मामला#SupremeCourt #MadrasHC #TamilNadu https://t.co/2zgfpO7Dhm
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) November 6, 2021
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी.वी. कार्तिकेयन ने याचिका को निरस्त करते हुए ने कहा, कि उच्च न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय की आशा और विश्वास के अनुरूप कार्य नहीं किया ।
UK Mandir Auction : ब्रिटेन में नीलामी में मंदिर का स्थान मुसलमानों को बेचा !
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस
लोकल रेलगाडी में वातानुकूलन यंत्र १५ मिनट तक बंद रहा यात्रियों का दम घुटा तथा अनेक महिलाएं अचेत हुईं
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !