हम ने ही आतंकवाद के बीज बोए !
पाकिस्तान को ७५ वर्ष के उपरांत इसका पछतावा होना कोई उपयोग नहीं । उनके द्वारा उत्पन्न आतंकवादरूपी राक्षस अब उनकी बलि चढाए बीना नहीं रहेगा, यही वास्तव है !
पाकिस्तान को ७५ वर्ष के उपरांत इसका पछतावा होना कोई उपयोग नहीं । उनके द्वारा उत्पन्न आतंकवादरूपी राक्षस अब उनकी बलि चढाए बीना नहीं रहेगा, यही वास्तव है !
राष्ट्रीय अन्वेषण तंत्र द्वारा अलगाववादी संगठन पर कार्रवाई !
पाकिस्तान शीघ्र ही ४ भागों में विभाजित हो जाएगा । बलुचिस्तान एक अलग देश बनेगा । सिंध, पंजाब एवं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भी भारत में विलय किया जाएगा ।
आतंकवादी चाहे कितने भी मारे जाएं, फिर भी जम्मू-कश्मीर में ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं; इसका कारण है आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान एवं उसकी जिहादी मानसिकता ! इन दोनों को नष्ट करने से ही कश्मीर में आतंकवाद समूल नष्ट होगा !
‘जिहादी आतंकवाद कब नष्ट होगा ?’, ऐसा प्रश्न प्रत्येक भारतीय के मन में पिछले अनेक वर्षों से आ रहा है । इस समस्या का हल निकालने के लिए भारत द्वारा पाकिस्तान को नष्ट करने के साथ साथ देश के धर्मांधों की जिहादी मानसिकता नष्ट करना आवश्यक है ।
धर्मांध जिहादी और खालिस्तानी आतंकियों का ये गठजोड़ देश के लिए अत्यधिक भयावह है । समय रहते दोनों आतंकवादी संगठनों का समूल नष्ट न करने का यह परिणाम है ।
ईसाई नववर्ष के दिन पाक-समर्थित जिहादी आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में ४ कश्मीरी हिन्दुओं की हत्या कर भारत को दिखा दिया है कि ‘आप हमें मिटा नहीं सकते, हमें मिटाने की आप में शक्ति नहीं है !
सूचना का अधिकार कार्यकर्ता प्रफुल्ल शारदा द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय के अभिलेख में ‘हिन्दू आतंकवाद’ शब्द नहीं है । प्रफुल्ल शारदा ने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण कुछ राजनीतिक नेताओं ने ‘हिन्दू आतंकवाद’ शब्द निर्माण किया।
भारत के विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रतिपादन किया है भारत ने पाक-स्वीकृत आतंकवाद एवं चीन के साथ सीमा-संघर्ष का जोरदार प्रत्युत्तर दिया है । भारत किसी के भी दबाव में नहीं है । भारत स्वयं की सुरक्षा के लिए सर्व प्रकार के कदम उठाएगा’ ।
सरकार ने इस प्रकरण की तत्काल जांच कर सत्य जनता के सामने लाना चाहिए !