समस्त सृष्टि को चैतन्य प्रदान करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का चैतन्यमय पूजाघर !
वर्ष २०१४ से गुरुदेवजी के कक्ष में स्थित पूजाघर के विभिन्न अवसरों पर छायाचित्र खींचे गए । ‘लोलक’ के उपकरण से इन छायाचित्रों का परीक्षण किया गया ।
वर्ष २०१४ से गुरुदेवजी के कक्ष में स्थित पूजाघर के विभिन्न अवसरों पर छायाचित्र खींचे गए । ‘लोलक’ के उपकरण से इन छायाचित्रों का परीक्षण किया गया ।
श्री श्री रविशंकरजी विश्व स्तर के आदरणीय आध्यात्मिक एवं मानवतावादी नेता हैं । उन्होंने तनावमुक्त एवं हिंसाचारमुक्त समाज के निर्माण हेतु वैश्विक आंदोलन का अभूतपूर्व नेतृत्व किया है ।
देहली में संपन्न ‘ग्रामीण आर्थिक परिषद’ में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से शोध कार्य का प्रस्तुतीकरण
दूषित वास्तु का व्यक्ति पर होनेवाला परिणाम इन सूत्रों को समझने हेतु पढिए सनातन का ग्रंथ ‘उतारा एवं मानस कुदृष्टि’
प्रत्येक व्यक्ति को नया घर बनाने का अवसर नहीं मिलता, विशेषकर मुंबई-पुणे जैसे व्यावसायिक शहरों में अब सदनिका ही अधिक संख्या में होती हैं । ऐसी स्थिति में यहां ‘सदनिका में वास्तुशास्त्र का उपयोग कैसे करें ?’, इसकी जानकारी दे रहे हैं ।
‘वास्तुशास्त्र में अष्टदिशा, पंचमहाभूत तथा वातावरण की ऊर्जा का उचित समन्वय साधकर मनुष्य के लिए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तरों पर लाभदायक भुवन निर्माण के नियम दिए गए हैं ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी स्वयं के स्वास्थ्य-लाभ हेतु एक संत के बताए अनुसार प्रतिदिन श्रीरामरक्षास्तोत्र का पाठ करते हैं। ‘श्रीरामरक्षास्तोत्र का पाठ करने से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉक्टरजी पर क्या परिणाम होता है ?’, इसका अध्ययन करने हेतु एक परीक्षण किया गया।
निर्माण कार्य जैसी कृति (वास्तु का निर्माण) सेवाभाव से की, तो उस निर्माण कार्य में बहुत सात्त्विकता उत्पन्न होती है !
हिमाचल प्रदेश में सिमला के भाजपा के पदाधिकारी श्री. रवीकुमार मेहता ने उच्च न्यायालय के राकेश शर्मा नामक अपने न्यायाधीश मित्र के साथ महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के प्रदर्शनी का भमण किया । उन्होेंने प्रदर्शनी देख कर बताया कि काेई अज्ञात शक्ति उन्हेंं प्रदर्शनी स्थल पर खिंच लाई ।
श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संगम, महाकुंभ मेला, गंगाजल आदि के बारे में आध्यात्मिक और वैज्ञानिक जानकारी मिलेगी !