कांग्रेस नेता राज बब्बर को २६ वर्ष बाद २ वर्ष की कारावास
यह कहने में क्या गलत है कि २६ साल बाद मिला न्याय अन्याय ही है ?
यह कहने में क्या गलत है कि २६ साल बाद मिला न्याय अन्याय ही है ?
ऐसे हिन्दूद्वेष के कारण कांग्रेस के समान समाजवादी पार्टी भी इतिहास में अंकित होने की राह पर है, (इतिहासजमा होण्याच्या मार्गावर आहे असं असावं. यासाठी हिन्दी शब्द विचारावा लागेल) यह अखिलेश यादव को ध्यान में लेना चाहिए !
गत अनेक वर्षों से मस्जिदों पर अवैध ध्वनिक्षेपक के माध्यम से हिन्दुओं को दिन में ५ बार अजान सुनाई जा रही है । इतने पर उन्हें संतोष नहीं है ! अब उससे आगे बढकर धर्मांध कट्टरपंथियों का दुस्साहस यह है कि वो कहते हैं, ‘मंदिर के सामने कुरान पढेंगे ।’
समाजवादी पक्ष, यह जिहादी आक्रमणकारीयों का पक्ष लेनेवाला दल है ; ये समय- समय पर स्पष्ट हुआ है । इसी पक्ष के सत्ताकाल में कारसेवकों को गोलीयों से मारकर उनकी मृतदेहों को बडे-बडे पत्थर बांधकर शरयू नदी में फेंका गया था ।
इस देश में तथाकथित गंगा- जमुनी संस्कृति के नाम पर अभी तक हिन्दुओं पर अत्याचार करने का काम हुआ और आज भी हो रहा है । हिन्दुओं को धर्माधों की ऐसी फंसाने वाली बातें समझकर, उन्हें सत्य गंभीरता से समझाना चाहिए !
ऐसे देशद्रोही और उनके समर्थकों को बंदी बनाकर उन्हें कठोर दंड मिले, इसके लिए राज्य सरकार को प्रयास करने चाहिए !
व्यक्तिगत लाभ के लिए धर्म का राजनीतिकरण करने वाले ऐसे नेताओं को जनता ने चुनाव में सबक सिखाया, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
धर्मांध राजनेताओं का ‘भूमि जिहाद’ जानिए ! ऐसे धर्मांध नेता को तत्काल गिरफ्तार कर उसे कठोर दंड मिलने के लिए राज्य की भाजपा सरकार को प्रयास करना चाहिए, यही हिन्दुओं की भावना है !
वर्ष १९९१ में कारसेवकों पर गोली चलाकर उनके शव पत्थर से बांधकर शरयू नदी में फेंकने वाले, साथ ही बाबर के वंशज होने वाले धर्मांधों को खुश करने वाली समाजवादी पार्टी कभी रामराज्य स्थापित कर सकेगी क्या ?
इतनी बडी मात्रा में बेहिसाब संपत्ति जमा की जा रही थी, तब तक आयकर विभाग और अन्य सरकारी तंत्र सो रहे थे क्या ? देश में ऐसे कितने नागरिक होंगे जिन्होंने इस प्रकार से बेहिसाब संपत्ति जमा की है ! उनके ऊपर कब कार्यवाही होगी ?