मस्जिदों से ध्वनिक्षेपक नहीं हटाए गए, तो हम ध्वनिक्षेपकों पर भजन गाएंगे !

ध्यान दें, उच्चतम न्यायालय के आदेश के होते हुए, मस्जिदों पर लगे हुए ध्वनिक्षेपकों को हटाने की कोई कार्रवाई न करने वाले पुलिस, इस प्रकरण में मुतालिक पर त्वरित कार्रवाई करेंगे !

उत्तरप्रदेश में ७ सहस्र ४४२ मदरसों की पूछताछ (इन्क्वायरी)होगी !

मदरसों को आधुनिक बनाने हेतु सरकार करोडों रुपए खर्च करती है; किंतु उसकी फलनिष्पत्ति क्या है? मदरसों को मिलने वाला धन लूटे जाने की बात सामने आ रही है । ये सब देखकर लगता है, कि मदरसों पर ताले लगाए जाएं !

हिजाब पहनने वाली शिक्षिका को परीक्षा के समय ‘पर्यवेक्षिका’ के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा !

हिन्दुओं को लगता है कि, कर्नाटक में भाजपा सरकार ने हिजाब के संबंध में जो निर्णय लिया, वही निर्णय देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों को भी लेना चाहिए !

पूरे जिले में नहीं, अपितु केवल मंदिरों के निकट मांस बिक्री दुकानों पर बंदी !- गाजियाबाद के महापौर द्वारा स्पष्टीकरण

महापौर आशा शर्मा ने गाजियाबाद जिले में चैत्र नवरात्रि की कालावधि में मांस बिक्री की दुकानें बंद रखने का लिखित आदेश दिया था; किंतु अब केवल १२ घंटे के अंदर उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण दिया है ।

अब मानसरोवर यात्रा हेतु चीन या नेपाल से होकर नही जाना पडेगा ! – केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी

इस हेतु स्वतंत्रता के बाद ७४ वर्ष तक इंतजार करना पडा, यह बात अबतक के शासनकर्ताओं के लिए लज्जास्पद !

परीक्षा का बहिष्कार करनेवाली हिजाब समर्थक छात्राओं को पुन: परीक्षा का अवसर नहीं मिलेगा – कर्नाटक सरकार

कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात भी मुस्लिम छात्राओं ने बिना हिजाब पहने स्कूल आने से इनकार कर दिया है ।

काँग्रेस शासित छत्तीसगड के मुख्यमंत्री ने गोबर से बनाए गए बक्से से प्रस्तुत किया आर्थिक बजट

आर्थिक बजट प्रस्तुत करने के लिए मुख्यमंत्री ने गोबर से बने बक्से का प्रयोग करना यह देश की पहली ही घटना है ।

भारत ने रूस के इस आरोप का खंडन किया कि यूक्रेन ने भारतीयों को बंधक बनाया !

युक्रेन की ओर से उनको ‘मानवी ढाल’ के रुप में प्रयोग किया जा रहा है, ऐसा आरोप रशिया ने किया था ।

सदोष लोकतंत्र एवं उस संदर्भ में कुछ भी न करनेवाले निद्रित मतदार !

फरवरी एवं मार्च में पंजाब, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर एवं गोवा, इन ५ राज्‍यों में चुनाव होनेवाले हैं । इन चुनावों की पार्श्‍वभूमिपर विविध राजकीय पक्षों द्वारा सदैव की भांति जनता को प्रलोभन देना, सहुलियतों की घोषणा करना, हमने ही विकासकार्य किया’, ऐसी ढींगें मारना, एकदूसरे पर आरोप-प्रत्‍यारोप करना,