कर्नाटक सरकार का नया निर्णय !
| हिन्दुओं को लगता है कि, कर्नाटक में भाजपा सरकार ने हिजाब के संबंध में जो निर्णय लिया, वही निर्णय देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों को भी लेना चाहिए ! – संपादक |
(कुछ शिक्षकों को परीक्षा सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नियुक्त किया जाता है । ऐसी शिक्षिकाओं को ‘पर्यवेक्षिका’ कहा जाता है ।)

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक शासन ने निर्णय लिया है कि, हिजाब पहनने वाली शिक्षिका को विद्यालयों व महाविद्यालयों में परीक्षाओं के समय पर्यवेक्षण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी । इससे पूर्व, शासन ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक लगा दी थी । गत सप्ताह ही मैसूर जिले में एक शिक्षिका द्वारा हिजाब पहनने पर जोर देने के कारण, पर्यवेक्षक के रूप में उसके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया था ।
१. कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी.सी. नागेश ने कहा, “सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई गणवेश अनिवार्य नहीं किया गया है अर्थात परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं को हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है । इसलिए, नैतिक स्तर पर हम उन शिक्षिकाओं को बाध्य नहीं कर सकते जो हिजाब पहनना चाहते हैं । इसलिए, हमने उन्हें इस कर्तव्य से मुक्त करने का निर्णय किया है ।”
२. एक शासकीय महाविद्यालय के एक प्राचार्य ने कहा कि, “यदि विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के समय पर्यवेक्षकों की न्यूनता आती है, तो हम माध्यमिक शिक्षकों को भी विद्यालय में बुला सकते हैं ।”
३. बंगलौर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एम.एस. थिम्मप्पा ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है । “शिक्षकों और छात्रों के लिए अलग-अलग नियम नहीं हो सकते हैं”, उन्होंने कहा ।
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