
बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात भी मुस्लिम छात्राओं ने बिना हिजाब पहने स्कूल आने से इनकार कर दिया है । अत: अब राज्य सरकार ने कठोर भूमिका अपनाते हुए प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित न रहकर हिजाब के समर्थन में निदर्शन करनेवाली छात्राओं को पुन: परीक्षा देने का अवसर न देने का निर्णय लिया । कुछ छात्राओं ने फरवरी माह में हिजाब के समर्थनार्थ प्रयोग परीक्षा का बहिष्कार किया था ।
'No' 2nd chance for students who skipped PU exams over Hijab stir https://t.co/7cvUTZisOm #Hijab
— Oneindia News (@Oneindia) March 21, 2022
कर्नाटक में शिक्षा मंडल की परीक्षा में प्रायोगिक परीक्षा में ३० अंक (नंबर) तथा लिखित परीक्षा में ७० अंक होते हैं । अत: प्रायोगिक परीक्षा का बहिष्कार करनेवाली छात्राओं को सीधे ३० अंक की हानि होगी । कर्नाटक के शिक्षामंत्री बी.के.नाजेश ने परीक्षा के संदर्भ में सरकार की भूमिका स्पष्ट की । उन्होंने कहा, कि हम दुबारा परीक्षा लेने की बात सोच भी कैसे सकते हैं ? हिजाब पहनने हेतु परीक्षा का बहिष्कार करनेवाली छात्राओं को हम उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के उपरांत भी पुन: अवसर देते हैं, तो अन्य छात्र कुछ अन्य कारण दिखाकर दुबारा परीक्षा लेने की मांग करेंगे । अत: दुबारा परीक्षा लेना असंभव है; किंतु स्कूल के स्तर पर आयोजित की जानेवाली ८ वीं, ९ वीं तथा ११ वीं के छात्रों को दुबारा परीक्षा का अवसर दे सकते हैं, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया ।
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