हिन्दू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए कानून लाया जाए ! – विहिप की केंद्र एवं सभी राज्य सरकारों से मांग

धर्मांतरण विरोधी कानून की भी मांग !

भारत-नेपाल सीमा पर, मस्जिदों और मदरसों की संख्या में पिछले दो दशकों में चार गुना वृद्धि हुई !

मदरसों और मस्जिदों की संख्या चौगुनी होने तक क्या पुलिस, सुरक्षा और प्रशासन सो रहे थे ? उनके विरुद्ध अभी भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है ?

पुरोहितों ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत को दर्शन करने से रोका !

इससे यह स्पष्ट होता है, कि तीर्थ क्षेत्रों के सरकारीकरण के विरोध में हिन्दुओं की भावनाएं कितनी प्रखर हैं ! क्या केंद्र और सभी राज्य सरकारें अब मंदिरों का व्यवस्थापन भक्तों को सौंपेगी ?

केरल के कोचीन देवस्वम मंडल द्वारा संचालित एक महाविद्यालय में, माकप के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ द्वारा अश्लील फलकों (होर्डिंग) की प्रदर्शनी !

मंदिरों के सरकारीकरण के पश्चात, मंदिर प्रबंधन मंडलों द्वारा चलाए जा रहे महाविद्यालयों पर भी उसका ऐसा परिणाम दिखाई दे रहा है ; यह ध्यान में लेते हुए सरकारीकरण का विरोध करें ।

अयोध्या में साधु का वेश परिधान कर भीख मांगने वाले दो मुसलमानों को बंदी बनाया गया !

क्या हिन्दू कभी फकीर का वेश धारण कर भीख मांगते हैं ? ऐसी स्थिति में, धर्मांधों द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है ? ‘हिन्दुओं से भीख लेने के लिए अथवा उनकी हत्या के लिए ?’, यह उजागर होना चाहिए !

देश में, आत्महत्याओं में १० % की वृद्धि !

स्मरण रहे, कि जीवन के उद्देश्य के संबंध में लोगों को शिक्षित न करने और समाज को सुखी जीवन जीने के लिए अनुकूल परिस्थिति निर्माण न करने के कारण होने वाली इन आत्महत्याओं के लिए, अब तक के सभी शासक उत्तरदायी हैं !

कश्मीर में, पाकिस्तान सीमा के समीप, बारूदी सुरंग विस्फोट में १ अधिकारी और १ सैनिक का बलिदान !

जब तक पाकिस्तान का नाश नहीं किया जाता, तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना असंभव है ! इसपर अब लक्ष्य केंद्रित करना चाहिए !

हलालमुक्त दिवाली मनाएं ! – श्री. प्रमोद मुतालिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्रीराम सेना

हिन्दू जनजागृति समिति का ‘हलाल मुक्त दिवाली’ अभियान

‘मैकडोनाल्ड्स’, ‘बर्गर किंग’, ‘डोमिनोज’, ‘पिज्जा हट’ आदि कंपनियों के खाद्यपदार्थों में किया जाता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों का प्रयोग ! – अमेरिका की जांच संस्थाओं का निष्कर्ष

जनता के स्वास्थ्य से खेलने वाली ऐसी कंपनियों पर केंद्र सरकार को अब तो प्रतिबंध लगाना चाहिए, ऐसी जनता की मांग है !

राजधानी दिल्ली में वर्ष २०१३ से २०१९ के बीच गुनाहों में २७५ प्रतिशत से बढत !

देश की राजधानी में यह स्थिति होगी, तो अन्य राज्यों और शहरों की स्थिति क्या होगी, इसकी कल्पना आती है !