भारत में हुआ १०० करोड नागरिकों का वैक्सिनेशन !
अन्य देशों में अभी तक ५० करोड भी वैक्सिनेशन पूर्ण नहीं हुआ है । अमेरिका में ४१ करोड वैक्सिनेशन हुआ है । इसके बाद ब्राजील में २६ करोड वैक्सिनेशन हुआ है ।
अन्य देशों में अभी तक ५० करोड भी वैक्सिनेशन पूर्ण नहीं हुआ है । अमेरिका में ४१ करोड वैक्सिनेशन हुआ है । इसके बाद ब्राजील में २६ करोड वैक्सिनेशन हुआ है ।
भगवा ध्वज निकालकर पंचशील ध्वज फहराया !
मंदिर की हानि भरपाई करने का उपजिलाधिकारी का लिखित आश्वासन
पिछले ४ दशकों में इस ओर ध्यान ना देने वाले भारत की सभी पार्टियों के शासनकर्ताओं के लिए यह लज्जास्पद ! अब तो सरकार बांगलादेश के हिन्दुओं के लिए कुछ करेगी क्या ? ऐसा प्रश्न हिन्दुओं के मन में निर्माण होता है !
‘हिन्दुओं पर कुरान का अपमान करने का बताकर आक्रमण करने वाले धर्मांध अब दुर्गापूजा के मंडप में कुरान रखने वाले उसके धर्मबंधुओं पर आक्रमण करेंगे क्या ?’, ऐसा प्रश्न किसी ने पूछा, तो वो गलत नहीं होगा !
कर्नाटक में भाजपा की सरकार होते हुए, हिन्दुओं के मंदिरों पर ऐसे आक्रमण होने की अपेक्षा नहीं है । हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है, कि सरकार को सभी मंदिरों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए !
इससे हसीना के हिन्दुद्वेषी चेहरे का पता चलता है । उनके शासन में हिन्दुओं की रक्षा होना असंभव ही है । इसे देखते हुए अब भारत को पहल कर कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है !
नागरिकों को ऐसी शिकायत प्रविष्ट करने के लिए न्यायालय क्यों जाना पडता है ? प्रशासन, पुलिस एवं सरकार के यह ध्यान में क्यों नहीं आता ? अथवा वे जानबूझकर इसे अनदेखा कर रहे हैं तथा लोगों को कष्ट सहन करने के लिए बाध्य कर रहे हैं ?
२८ वर्ष पूर्व बांगलादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने उसपर प्रतिबंध लगाया । यदि अभी की प्रधानमंत्री शेख हसीना धार्मिक हिंसा के विरोध में है, तो उन्होंने पुस्तक पर लगा प्रतिबंध क्यों नहीं हटाया, ऐसा प्रश्न इस कादंबरी की लेखिका तस्लिमा नसरीन ने ट्वीट कर पूछा है ।
बांगलादेश में हिन्दुओं पर हुए आक्रमणों का मामला
ट्विटर की यह दादागीरी नई नहीं है । इसके पहले भी ट्विटर ने हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों और नेताओं के एकाउंट बंद किए थे । ट्विटर की यह दादागीरी नष्ट करने के लिए हिन्दुओं द्वारा समांतर माध्यम निर्माण करने की आवश्यकता हुई है, यही इससे ध्यान में आता है !