Mumbai ‘BEST’ buses Strike : ‘बेस्ट’ बसों की हडताल के कारण यात्रियों की दुर्दशा ; पथराव सहित तोडफोड की घटनाएं !

बसों के कांच तोडे, तो टायरों की हवा भी निकाली !

‘बेस्ट’ बसों की हडताल

मुंबई – ‘बेस्ट’ बस के कार्यकर्ताओं (कर्मचारियों) द्वारा अपनी मांगों के लिए अचानक की गई हडताल के कारण मुंबईवासियों को अत्यधिक कष्ट का सामना करना पडा । नौकरी करने वाले, विद्यार्थी तथा सामान्य यात्रियों की अत्यंत दुर्दशा हुई । हडताल की अवधि में १० बसों पर पथराव किया गया । कार्य पर आने वाले कर्मचारियों को धमकाने के १० प्रसंग घटित हुए । ३ बसों के कांच तोडे गए, तो ३ बसों के टायरों की हवा निकाल दी गई ।

मुंबईवासियों के लिए कुल २ सहस्र ७६६ बसों का नियोजन किया गया था ; परंतु हडताल के कारण वास्तव में केवल ४८ बसें ही चल रही थीं । इस कारण मुंबई की सार्वजनिक यातायात व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई । बस सेवा ठप होने के कारण रेलवे स्टेशनों के बाहर यात्रियों की अनेक किलोमीटर लंबी पंक्तियां लगी थीं । इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए कुछ रिक्शा एवं टैक्सी चालकों ने यात्रियों से अत्यधिक किराया वसूला । २-३ किलोमीटर की दूरी के लिए रिक्शा चालक १५० से २०० रुपये वसूल कर रहे थे । (ऐसा मनमाना व्यवहार करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होनी ही चाहिए ! – संपादक)

‘प्रशासन हडतालकर्ताओं से चर्चा कर शीघ्र अति शीघ्र समाधान निकाले एवं मुंबई की यातायात सेवा पूर्ववत करे’ , ऐसी दृढ मांग मुंबईवासियों ने की है । (ऐसी मांग करने का समय ही क्यों आता है ? बेस्ट प्रशासन स्वयं संज्ञान लेकर उपाय क्यों नहीं करता ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

अपनी मांगों के लिए हडताल कर यात्रियों को बंधक बनाना कितना उचित है ?