Kolhapur Mahalakshmi Devi : १ सहस्र ४४५ करोड रुपए के ‘श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर विकास प्रारूप’ का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों शुभारंभ ।

मंदिर की देखभाल, धरोहर का संवर्धन एवं श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं ।

‘श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर विकास प्रारूप’ का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, साथ ही अन्य मान्यवर ।

कोल्हापुर – केंद्रीय गृहमंत्री तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह के हाथों तथा राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में २० जून को ‘श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर विकास प्रारूप’ के अंतर्गत १ सहस्र ४४५ करोड रुपए के लागत से किए जानेवाले मंदिर की देखभाल, संवर्धन एवं परिसर के विभिन्न विकास के कार्याें की आधारशिला का अनावरण कर शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, कोल्हापुर जिले के प्रभारीमंत्री प्रकाश आबिटकर, शिवसेना विधायक राजेश क्षीरसागर, कोल्हापुर की महापौर रूपाराणी निकम, भाजपा सांसद धनंजय महाडिकसहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।

‘श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर विकास प्रारूप’ के शुभारंभ के अवसर पर आधारशिला का अनावरण करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, साथ ही अन्य मान्यवर ।

गृहमंत्री अमित शाह ने सपत्नीक श्री अंबाबाई के दर्शन कर विधिवत् पूजा-अर्चना की । उसके पश्चात मंदिर परिसर में स्थित राम चबूतरे पर देवी की उत्सवमूर्तियों का पूजन किया गया । राज्य सरकारा द्वारा पारित किया गया ‘महालक्ष्मी मंदिर विकास प्रारूप’ कोल्हापुर की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अधिक सशक्त बनानेवाला महत्त्वाकांक्षी उपक्रम सिद्ध हो रहा है । तीन चरणों में चलाए जानेवाले इस ‘विकास प्रारूप’ के अंतर्गत दर्शन मंडप, भोजनकक्ष, मंदिर एवं देवस्थान समिति कार्यालय, स्वतंत्र शौचालय, दुकानें, सूचना केंद्र, सुरक्षा चौकी, भव्य सभागार, पुलिस थाना, प्रथमोचपार केंद्र, वेदपाठशाला, भोजनगृह तथा बडे स्तर पर वाहनतल बनाए जाएंगे ।

वर्तमान समय में मूल मंदिर के संवर्धन के लिए ३२ करोड ९६ लाख रुपए, साथ ही मंदिर के बिजलीकरण, सीसीटीवी एवं बिजलीकरण से संबंधित काम प्रगति पर हैं । मंदिर का पुरातन वैभव एवं भव्यता संजोने हेतु इर्द-गर्द के ४१ छोटे-बडे मंदिरों का संवर्धन, नगर प्रदक्षिणा मार्ग का सुशोभिकरण एवं मंदिर परिसर के विकास के काम भी किए जानेवाले हैं । इस परियोजना के लिए २८ सहस्र ५८ चौरस मीटर भूमि का मूल्यांकन किया गया है, उसमें से १९ सहस्र ४८९ चौरस मीटर निजी क्षेत्र के भूसंपादन की प्रक्रिया अपर मुख्य सचिव (नगर विकास) की अध्यक्षता में गठित समिति के मार्गदर्शन में गति से चल रही है ।