
मुंबई, १९ जून (वार्ता.) – देवस्थानों की इनाम भूमियों के विक्रय के लिए तैयार किए गए ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन अधिनियम २०२६’ का राज्य के देवस्थानों तथा हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा तीव्र विरोध किए जाने के कारण सरकार ने यह प्रारूप निरस्त कर दिया । इस विषय में देवस्थानों का हित साधने वाला संशोधित प्रारूप लाने का आश्वासन राजस्वमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिया है । संशोधित प्रारूप निर्माण करने के लिए तैयार की गई समिति में राज्य के देवस्थानों के प्रतिनिधियों का विचार भी सम्मिलित किया गया है ।
राजस्व, पंजीकरण तथा मुद्रांक शुल्क विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यह समिति स्थापित की गई है । १७ जून के दिन राजस्व विभाग ने इस विषय का शासन निर्णय प्रसारित किया है, जिसमें समिति में सम्मिलित किए गए सदस्यों के नाम दिए गए हैं ।
‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ की महत्वपूर्ण भूमिका !

राज्य सरकार द्वारा सिद्ध किए गए पूर्व के ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन अधिनियम २०२६’ के कारण ‘अनेक देवस्थानों की भूमियों को भू-माफिया अधिग्रहित (गिळंकृत) कर लेंगे’, यह संकट सर्वप्रथम ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ ने सरकार के संज्ञान में लाया था । महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के नेतृत्व में राज्य के अनेक देवस्थानों ने इस प्रारूप का विरोध दर्शाया । राजस्वमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ २६ मई के दिन मंत्रालय में बैठक आयोजित की थी । इस बैठक में राज्य के विविध देवस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे । इसमें चंद्रशेखर बावनकुले ने देवस्थानों के हित का निर्णय लेने का आश्वासन दिया । ६ जून के दिन प्रारूप को स्थगित किए जाने की घोषणा उन्होंने की ।
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ तथा हिन्दू विधिज्ञ परिषद सहित अन्य संगठनों के भी प्रतिनिधियों का अंतर्भाव !इस समिति में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय समन्वयक श्री. सुनील घनवट, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर के साथ अधिवक्ता आशीष सोनवणे (पुणे), श्री. संजीव देशपांडे (छत्रपती संभाजीनगर), श्री. संदीप महाजन (छत्रपती संभाजीनगर), श्री. अनिल सांबरे (नागपूर), अधिवक्ता राजेश मुधोलकर (ठाणे), श्री. जगदीश पाटील (सोलापूर), अधिवक्ता रवींद्र क्षीरसागर (पुणे), ज्येष्ठ विधिज्ञ एस.के. जैन, विदर्भ देवस्थान समिति के संस्थापक अध्यक्ष अनुप जैस्वाल, श्री. विजय पोरे (सातारा) तथा ‘चिंचवड देवस्थान ट्रस्ट’ के न्यासी श्री. केशव विद्वांस का अंतर्भाव है । |
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