Swami Jitendranand Saraswati : जब तक हिन्दुओं को ज्ञानवापी नहीं मिलती, तबतक अन्न ग्रहण नहीं करूंगा ! – स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती

आज से वे दिन में केवल सवा लीटर दूध का सेवन करेंगे ।

Gyanvapi Case : ज्ञानवापी में खुदाई कर अधिक प्रमाण जुटाने हेतु हिन्दू पक्ष न्यायालय से अनुरोध करेगा !

ज्ञानवापी के संबंध में सच्चाई क्या है, इसे वैज्ञानिकदृष्टि से सिद्ध करना ही हमारा उद्देश्य है, ऐसा हिन्दू पक्ष का कहना है ।

Gyanvapi ASI Report : सरकार ज्ञानवापी को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे ! – पूज्य हरिशंकर जैन, अधिवक्ता 

संपूर्ण परिसर हिन्दुओं को सौंपने के लिए कानून बनाए । अयोध्या के समान यहां भी मंदिर बने और पूजा प्रारंभ हो ।

Gyanvapi Survey : मस्‍जिद के स्‍थान पर पूर्व में मंदिर होने के ३२ प्रमाण मिले ! 

न्‍यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा किए बिना मुस्‍लिमों को स्‍वयं ही ज्ञानवापी मस्‍जिद हिन्‍दुओं को सौंप देनी चाहिए एवं धर्मनिरपेक्षता, निधर्मीवाद, सर्वधर्मसमभाव दिखाना चाहिए !

श्रीराम मंदिर में स्‍थापित होंगी श्री रामलला की २ और मूर्तियां !

मंदिर की ऊपरी मंजिल पर बाकी २ मूर्तियां भी स्‍थापित की जाएंगी, ऐसा न्‍यास ने कहा है । इन मूर्तियों के छायाचित्र प्रसारित किए गए हैं ।

Ram Mandir Hanuman Darshan : अयोध्या के श्रीराममंदिर में श्रीरामलला के दर्शन के लिए आया वानर !

जिन भक्तों ने यह दृश्य देखा वे स्वयं को भाग्यवान समझ रहे हैं । ‘हमारे लिए यह भाग्य का क्षण था कि, हमने राम की मूर्ति और हनुमान के दर्शन किए’, ऐसा वह कह रहे थे ।

Allahabad HC On Live-In : भारत कोई पाश्चात्त्य देश नहीं है, जहां ‘लिव इन’ सामान्य संस्कार होता है ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय !

एक प्रकरण की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ‘लिव इन रिलेशनशिप’ की ओर ध्यान आकर्षित किया है। न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने कहा कि भारत कोई पश्चिमी देश नहीं है जहां ‘लिव इन’ सामान्य संस्कार होता है। भारत के लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व होना चाहिए।

मुजफ्‍फरनगर (उत्तर प्रदेश) में अज्ञात लोगों द्वारा श्रीराम मूर्ति की तोडफोड !

उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार होते हुए इस प्रकार की घटना न हो, ऐसा हिन्‍दुओं को लगता है !

ज्ञानवापी की पुरातात्‍विक सर्वेक्षण रिपोर्ट होगी सार्वजनिक !

१८ दिसंबर २०२३ को पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग ने इस संबंध में एक रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी । ज्ञानवापी का १००  दिन से अधिक समय तक सर्वेक्षण किया गया । इसके लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों की भी सहायता ली गई ।

२३ जनवरी को दोपहर तक ३ लाख हिन्दुओं ने किए रामलला के दर्शन !

प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण का हिन्दुओं का स्वप्न साढ़े पांच सौ वर्षों के पश्चात २२ जनवरी को साकार हुआ । उसके पश्चात २३ जनवरी से मंदिर सब भक्तों के लिए खोल दिया गया है ।