Hindu Temple Funds : मंदिरों के २४६ करोड रुपयों से निर्मित होने वाली व्यावसायिक संकुल (कॉम्प्लेक्स) की परियोजनाएं निरस्त !

  • तमिलनाडु के सी. जोसेफ विजय की सरकार का अभिनंदनीय निर्णय

  • मंदिरों का धन धार्मिक कार्यों के लिए व्यय करने की घोषणा !

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार ने मंदिरों की ४६ परियोजनाएं निरस्त कर दी हैं । इन परियोजनाओं को पूर्ववर्ती स्टालिन सरकार के कार्यकाल में स्वीकृति प्रदान की गई थी । सरकार ने कहा कि मंदिरों की स्थावर (अचल) तथा जंगम (चल) संपत्ति का उपयोग केवल धार्मिक एवं मंदिरों से संबंधित पवित्र कार्यों के लिए ही किया जाएगा ।

शासकीय आदेश में कहा गया है कि पूर्ववर्ती द्रमुक (द्रविड़ मुन्नेत्र कडगम) सरकार ने मंदिरों के धन से विवाह के लिए २९ सभागार (मैरिज हॉल) तथा १७ व्यावसायिक संकुल बनाने की स्वीकृति दी थी । इन परियोजनाओं पर अनुमानतः २४६ करोड रुपये व्यय होने वाले थे; परंतु अभी तक इन कार्यों का प्रारंभ नहीं हुआ था । इसी कारण मंदिरों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी स्वीकृति निरस्त कर दी गई है ।

राज्य में विगत अनेक वर्षों से हिन्दू धार्मिक तथा धर्मार्थ व्यवस्था विभाग के अंतर्गत आने वाले मंदिरों की आय का उपयोग विवाह के लिए सभागार बनाने, व्यावसायिक संकुल बनाने तथा शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के लिए किया जा रहा है; परंतु अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन इसका विरोध कर रहे थे । उनका कथन था कि मंदिरों की आय केवल मंदिरों के रख-रखाव, पूजा-पाठ तथा धार्मिक कार्यों के लिए ही उपयोग होनी चाहिए ।

संपादकीय भूमिका

तमिलनाडु सरकार के समान ही मंदिरों का धन धार्मिक कार्यों के लिए व्यय करने का निर्णय देश की प्रत्येक सरकार के लिए लेना आवश्यक है ! हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है कि हिन्दुत्वनिष्ठ सरकारों को यह निर्णय सर्वप्रथम लेना चाहिए !