Bangladesh Border Tension : मालदा (बंगाल) से घुसपैठियों को वापस भेजते समय सीमा पार के बांग्लादेशियों का विरोध

घुसपैठियों को वापस भेजने का विरोध करने के लिए जमा हुए सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक (बॉक्स में)

मालदा (पश्चिम बंगाल) – मालदा जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के सुकदेवपुर क्षेत्र में २० जून की सुबह अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करनेवाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस उनके देश भेजने (पुशबैक) की प्रक्रिया के समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई । इस समय बांग्लादेश की ओर सैकडों लोगों की भीड जमा हो गई । उन्होंने प्रदर्शन किए तथा नारेबाजी की । इससे पूरा क्षेत्र रणभूमि जैसा दिखाई देने लगा । स्थिति को नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल अतिरिक्त बल बुलाया एवं कांटेदार तारों के पास सुरक्षा व्यवस्था दोगुनी कर दी ।

१,२०० मीटर की खुली सीमा बनी सिरदर्द

सुकदेवपुर में लगभग १,२०० मीटर लंबे क्षेत्र में अभी तक कांटेदार तारों की बाड नहीं लगाई गई है । स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह खुला एवं बिना बाडवाला सीमा क्षेत्र लंबे समय से देश की सुरक्षा के लिए सबसे बडी चिंता बना हुआ है । इस मार्ग को लेकर विवाद की यह पहली घटना नहीं है । इससे पहले भी इसी सीमा का लाभ उठाकर बांग्लादेशी नागरिक न केवल भारतीय सीमा में घुस आए थे, अपितु भारतीय किसानों की खेतों में खडी फसल काटकर अपने साथ ले गए थे, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच कई सप्ताह तक हिंसक झडपें हुई थीं । ताजा घटना के उपरांत पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है ।

सुकदेवपुर सीमा पर बाड न होना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड है ! – भाजपा सांसद खगेन मुर्मू

इस घटना पर भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है । सुकदेवपुर सीमा पर बाड न होना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड है । हम लगातार केंद्र एवं राज्य सरकार से इस १,२०० मीटर लंबे क्षेत्र में बाड लगाने की मांग कर रहे हैं । घुसपैठियों की इस दुस्साहसपूर्ण कार्य को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।

 सामान्य नागरिक अपने ही घर में असुरक्षित अनुभव कर रहे हैं ! – भाजपा विधायक राजू कर्मकार

स्थानीय भाजपा विधायक राजू कर्मकार ने कहा कि हमारे क्षेत्र के किसान एवं सामान्य नागरिक अपने ही घर में असुरक्षित अनुभव कर रहे हैं । अवैध घुसपैठिए आते हैं, उपद्रव करते हैं एवं हमारे लोगों को डराते हैं । जो कुछ अभी हुआ है, वह कानून एवं व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है । हम प्रशासन से मांग करते हैं कि सीमावर्ती गांवों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जाए एवं इस संवेदनशील विषय का स्थायी समाधान निकाला जाए ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी घटनाएं होती रहेंगी । इसलिए ऐसे लोगों को नियंत्रण में रखने के लिए भारत को कठोर मत अपनाना आवश्यक होगा !