
तेल अविव (इजराइल) — इजराइली सेना आगामी कई वर्षों तक दक्षिणी लेबनॉन के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी । अमेरिका कितना भी दबाव डाले, तब भी पीछे नहीं हटेंगे ऐसी स्पष्ट भूमिका इजराइल ने अपनाई है ।
इजराइल के अर्थमंत्री बेझलेल स्मोट्रची ने कहा कि,
१. जब तक आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला पूरी तरह से हथियार डालकर आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक इजराइल अपनी नीति नहीं बदलेगा । “इजराइली सेना को लेबनान से वापस हटना चाहिए” ऐसी कोई औपचारिक मांग अमेरिका करेगा, ऐसी अपेक्षा नहीं है । इजराइल सुरक्षा क्षेत्र में केवल अस्थायी जांच चौकियों के स्थान पर स्थायी सैन्य अवसंरचना तथा सैन्य अड्डे विकसित कर सकता है ।
२. वर्तमान सीमाव्यवस्था इजराइल की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती । देश को रक्षात्मक दृष्टि से सुरक्षित सीमाओं की आवश्यकता है । जब तक हिजबुल्ला पीछे नहीं हटता, तब तक हम एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेंगे । प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू , रक्षा मंत्री तथा मेरी यही भूमिका है ।
ईरान तथा अमेरिका के मध्य स्विट्जरलैंड में होगी चर्चा
इराण–अमेरिका समझौते के क्रियान्वयन के लिए स्विट्जरलैंड में महत्वपूर्ण चर्चा प्रारंभ होने जा रही है । इस चर्चा में भाग लेने हेतु अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी.व्हान्स. स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं । आगामी कुछ दिनों में दोनों पक्ष युद्धविराम समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, ऐसी अपेक्षा है ।
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