
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी, फोंडा, गोवा : आनेवाले भीषण काल में सभी साधकों के स्वास्थ्य की रक्षा हो तथा सनातन राष्ट्र की स्थापना शीघ्रता से हो; इसके लिए सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में महाधन्वंतरि याग संपन्न किया गया । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की दिव्य उपस्थिति में संपन्न इस याग का देश-विदेशों से आए सहस्रों साधकों तथा धर्मप्रेमियों ने लाभ उठाया ।
महाधन्वंतरि यज्ञ के आरंभ में शंखनाद किया गया । श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के करकमलों से दीपप्रज्वलन कर याग का आरंभ हुआ । सामूहिक रूप से श्री गणेशजी का श्लोक बोला गया । उसके उपरांत पुण्याहवाचन, महागणपति पूजन एवं नवग्रह पूजन कर श्रीविष्णुसहस्रनाम का पाठ किया गया । इस यज्ञ के यजमानपद का निर्वहन सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी तथा उनकी उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने किया । ६४ दंपति ने इस यज्ञ का संकल्प लिया । यज्ञ के आरंभ में महासंकल्प लिया गया । इस अवसर पर सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के लिए एकत्रित २५ सहस्र साधकों तथा हिन्दुत्वनिष्ठों ने महासंकल्प किया । इस यज्ञ में तीर्थरूप डॉ. (श्रीमती) कुंदा जयंत आठवलेजी की भी वंदनीय उपस्थिति थी ।
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?