जैन मंदिर में चोरी करने वाले चोर ने क्षमापत्र लिखकर सामग्री वापस किया !
चोरी करने के पश्चात चोर को हुए कष्ट !
चोरी करने के पश्चात चोर को हुए कष्ट !
बैंक की महिला व्यस्थापक (मैनेजर) पूनम गुप्ता ने साहस के साथ उस चोर का सामना किया । गुप्ता की आक्रमकता देखकर चोर निर्बल हो गया ।
इतना पक्का अपराधी होते हुए बंदी बनाने पर उसे क्यों छोडा गया ? इससे ‘क्या चौहान ने पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर इतनी हत्याएं तथा असंख्य चोरियां तो नहीं कीं, इसका अन्वेषण भी होना चाहिए’, यदि किसी ने ऐसी मांग की तो उसमें क्या चूक है ?
मूर्ति भारत में लाने के प्रयत्न आरंभ !
‘शाओमी’, ‘विवो’ के उपरांत अब ‘ओप्पो’ इस चीनी आस्थापन द्वारा इस प्रकार का अपहार (धांधली) सामने आ रहा है । इससे ध्यान में आता है कि ऐसे आस्थापनों को भारत से तडीपार करने की आवश्यकता है !
ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? जो अमेरिका भारत के अल्पसंख्यक मुसलमानों पर कथित रूप से अत्याचार बढने की निराधार आवाज उठाती है और भारत विरोधी निराधार प्रलेख (अहवाल) बनाती है, वे स्वत: के देश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के श्रद्धाकेंद्रों का रक्षण क्यों नहीं करती ? अब भारत को अमेरिका से इसका स्पष्टीकरण मांगना चाहिए !
ज्ञानवापी मस्जिद में जो शिवलिंग है, मुसलमानों द्वारा उसका विरोध होने की पृष्ठभूमि पर ऐसी घटना घटती है, इसका क्या अर्थ है?
भारत के एक मंदिर से वर्ष १९६० में यह मूर्ति चोरी की गई थी । नटराज की मूर्ति के अतिरिक्त नंदिकेश्वर और कंकल मूर्ति भी चोरी की गई थी ।