काबुल (अफगानिस्तान) में रूस के दूतावास के बाहर बमविस्फोट में २० लोगों की मृत्यु
जिहादी आतंकवादियों ने स्वयं को उडाकर वहां विस्फोट का आयोजन किया ।
जिहादी आतंकवादियों ने स्वयं को उडाकर वहां विस्फोट का आयोजन किया ।
‘जिहादी आतंकवादियों का धर्म नहीं होता’, ऐसा कहने वाले अब कुछ नही बोलते; कारण उनका झूठ उजागर हो चुका है । हिन्दुओं को और उनके संतों को ‘आतंकवादी’ कहने वाले राजकीय पक्ष समाप्त होने के मार्ग पर हैं, यह ध्यान में लें !
ऐसे देशद्रोही मौलवी के देश का एक भी मुसलमान संगठन, नेता, धार्मिक नेता विरोध नहीं करता अथवा उनका निषेध नहीं करता, यह ध्यान में लें !
आतंकवादियों के अड्डे बने मदरसे उद्ध्वस्त करने वाली असम सरकार का आतंकवाद से ग्रस्त अन्य राज्य सरकारों को भी अनुकरण करना चाहिए, यही राष्ट्राभिमानी जनता की अपेक्षा है !
असम में गत कुछ दिनों से आतंकवादी पकडे जा रहे हैं । सीमावर्ती राज्यों में ऐसे आतंकवादी मिलना भारत की सुरक्षा के लिए संकट !
काबुल में जिहादी आतंकवादी संगठन अल-कायदा का प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की हत्या करने हेतु अमेरिका ने पाकिस्तान के आकाशमार्ग का उपयोग किया ।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने हमेशा ही कश्मीरी हिन्दुओं के वंशविच्छेद के विषय में बोलना टाला है । उनके कार्यकाल में हिन्दुओं की हत्या होने के कारण वे भी इसके लिए उत्तरदायी हैं । ऐसे सभी लोगों पर मुकदमा चलाकर उन्हें दंड देना आवश्यक !
भारत में आक्रमण होने के पश्चात सर्जिकल स्ट्राईक जैसी कार्रवाई न करें । इससे कुछ समय तक के लिए ही थोडा-सा परिणाम होता है । इसलिए संपूर्ण पाक को ही पाठ पढाने (सबक सिखाने) के लिए प्रयत्न करें !
भारतीय सैनिकों की गांधीगिरी ! मुहम्मद गौरी के इतिहास से भारतीयों ने कुछ भी नहीं सीखा, बार-बार होनेवाली ऐसी घटनाएं यही इंगित करती हैं ! भारतीयों को कब बोध होगा कि सांपों को दूध पिलाने पर भी वे अमृत नहीं बल्कि विषवमन ही करेंगे ?
इस्लामिक स्टेट की जडें पूरे विश्व में फैलीे हैं तथा ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं कि यह आतंकवादी संगठन भारत की जडों से उठ खडा हुआ है । अब भारत सरकार को केवल भारत के ही नहीं, अपितु पूरे विश्व के विविध आतंकवादी संगठनों के तल ध्वस्त करने हेतु उपक्रम हाथ में लेना चाहिए । राष्ट्रप्रेमियों को ऐसा प्रतीत होता है !