पाकिस्तानी जिहादी आतंकवादी बंदी बनाया गया !

भारतीय सेना की चौकी पर आक्रमण करने के लिए पाकिस्तान के कर्नल ने दिए ११ हजार रुपए !

घायल पाकिस्तानी जिहादी आतंकवादी तबराक हुसैन

राजौरी (जम्मू-कश्मीर) – पाकिस्तानी जिहादी आतंकवादी तबराक हुसैन (उम्र ३२) को भारतीय सेना ने यहां सीमा से बंदी बनाया है । घुसपैठ के समय  भागते समय सैनिकों की गोलीबारी में घायल होने के उपरांत उसे पकड़ लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी भाग गए। उसने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तानी सेना के एक कर्नल यूनुस चौधरी ने भारतीय सेना की चौकी पर आक्रमण करने के लिए  उसे ३०,०००  पाकिस्तानी रुपये (१०,९८० भारतीय रुपये) दिए थे।

भारतीय जवानों ने दिया ३ बोतल रक्त !

तबराक हुसैन के भागते समय, सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में वह घायल हो गया। उसकी जांघ और कंधे पर दो गोलियां लगने से उसका बहुत रक्तस्राव हुआ । उसे चिकित्सा के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जब बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे रक्त की आवश्यकता है, तो भारतीय सैनिकों ने उसे रक्तदान करने का निर्णय लिया। उसे ३ बोतल रक्त दिया गया। उसकी शल्य चिकित्सा भी हुई तथा उसे गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया। उसकी स्थिति संप्रति स्थिर है। वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पी.ओ.के.) के कोटली जिले के सब्जकोट गांव का रहने वाला है।

उसे वर्ष २०१६ में भी बंदी बनाया गया था !

तबराक हुसैन और उसके भाई हारून अली को भारतीय सेना ने २०१६ में उसी क्षेत्र में उसी स्थान से घुसपैठ करने के प्रयास के समय पकडा था किन्तु उसे मानवीय आधार पर नवंबर २०१७  में मुक्त कर दिया गया । (यदि उसी समय हुसैन के विरुद्ध कडी कार्रवाई की गई होती तो आज यह दिन नहीं देखना पडता ! – संपादक) हुसैन २ वर्ष से पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था के लिए काम कर रहा है। उसने नियंत्रण रेखा पारकर लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण शिविर में ६ सप्ताह का प्रशिक्षण लिया है । १६ दिसंबर २०१९ को हुसैन के दूसरे भाई मुहम्मद सईद को भारतीय सैनिकों ने उसी क्षेत्र में पकडा था ।

संपादकीय भूमिका

भारतीय सैनिकों की गांधीगिरी ! मुहम्मद गौरी के इतिहास से भारतीयों ने कुछ भी नहीं सीखा, बार-बार होनेवाली ऐसी घटनाएं यही इंगित करती हैं ! भारतीयों को कब बोध होगा कि सांपों को दूध पिलाने पर भी  वे अमृत नहीं बल्कि विषवमन ही करेंगे ?