सर्वत्र आदर्श गणेशोत्सव मनाने संबंधी चलाए जानेवाले अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर श्री गणेश की कृपा प्राप्त करें !
पाठक, शुभचिंतक तथा राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं के लिए सत्सेवा का स्वर्णिम अवसर !
पाठक, शुभचिंतक तथा राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं के लिए सत्सेवा का स्वर्णिम अवसर !
हिन्दू देवी-देवताओं का इस प्रकार अपमान केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि विश्व भर में हिन्दुओं का कोई प्रभावी संगठन नहीं है । धर्म को इस प्रकार की हानि से संरक्षित करने के लिए, हिन्दुओं को संगठित होना होगा एवं वैध पद्धतियों से ऐसी घटनाओं को रोकना होगा !
‘१० जुलाई २०२५ को गुरुपूर्णिमा है । गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह दिवस शिष्य के लिए अविस्मरणीय होता है । गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुसेवा एवं धन का त्याग करनेवाले व्यक्ति को गुरुतत्त्व का सहस्रों गुना लाभ होता है ।
‘अक्षय तृतीया’ हिन्दू धर्म के साढे तीन शुभमुहूर्ताें में से एक मुहूर्त है । इस दिन की कोई भी घटिका शुभमुहूर्त ही होती है । इस दिन किया जानेवाला दान और हवन का क्षय नहीं होता; जिसका अर्थ उनका फल मिलता ही है ।
‘३०.४.२०२५ को ‘अक्षय तृतीया’ है । ‘अक्षय तृतीया’ हिन्दू धर्म के साढे तीन शुभमुहूर्ताें में से एक मुहूर्त है । इस दिन किया जानेवाला दान और हवन का क्षय नहीं होता; जिसका अर्थ उनका फल मिलता ही है । इसलिए कई लोग इस दिन बडी मात्रा में दानधर्म करते हैं ।
जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिन्दवी स्वराज्य के लिए मावले और शिलेदारों द्वारा किया गया बलिदान सर्वोच्च है, उसी प्रकार आज अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ हिन्दुत्व की रक्षा के लिए ‘शिलेदार’ के रूप में कार्य कर रहे हैं ।
साधक, पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी जिनके वाहन के सभी कागदपत्र (आर.सी. बुक, पी.यू.सी., बीमा (इन्शोरन्स) आदि पूर्ण हैं और उनके पास ऊपर लिखित वाहन हैं, तो वे कुछ काल के लिए वह उपयोग करने के लिए दे सकते हैं । जो इच्छुक हैं, वे नीचे दिए क्रमांक पर संपर्क करें ।
अनेक उद्योगपति प्रतिष्ठान की (कंपनी की) प्रसिद्धि करने के लिए अपने विज्ञापनों से युक्त दिनदर्शिका (कैलेंडर) प्रकाशित कर उसे ग्राहकों, कर्मचारियों, संबंधियों आदि को उपहार के रूप में देते हैं ।
भारत में संविधान ने प्रत्येक को व्यक्तिगत स्वतंत्रता दी है । भारत धर्मनिरपेक्ष है, यह बात बार-बार कहीं जाती है । फिर भी, भारत में बहुसंख्यक १०० करोड़ हिन्दुओं को इस्लामी संकल्पना ‘हलाल’ स्वीकारने के लिए बाध्य करना, संविधान विरोधी और हिन्दुओं के मौलिक अधिकारों को नकारना है ।
‘धन’ अर्थात शुद्ध लक्ष्मी ! इस दिन मनुष्य के पोषण हेतु सहायता करनेवाले धन (संपत्ति) की पूजा की जाती है ।