जो साधना के रूप में लेखन करते हैं, उनसे ही गुरु लेखन-कार्य करवाते हैं ! – वैज्ञानिक एवं लेखक डॉ. मोहन बांडे

प्रत्येक साधक के जीवन में गुरु विविध माध्यम से आते हैं । सभी संत भले ही अलग-अलग दिखाई दें, तब भी वे अंदर से एक ही होते हैं । किससे कौनसी साधना करवानी है, यह उन्हें पता होता है ।

कांदळी (पुणे) में प.पू. भक्तराज महाराजजी के समाधिस्थल पर गुरुपूर्णिमा महोत्सव भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

सनातन संस्था के श्रद्धाकेंद्र प.पू. भक्तराज महाराजजी के कांदळी के समाधिस्थल पर २३ जुलाई को कोरोना के सर्व नियमों का पालन कर गुरुपूर्णिमा महोत्सव भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया ।

भारत सहित १२ देशों की ओर से अफगानिस्तान में तालिबान को ‘राज्यकर्ता’ कहकर मान्यता देने का विरोध

केवल बारह देश क्यों ? विश्व के सभी देशों को तालिबान का विरोध कर उसका शासन होने पर अफगानिस्तान का बहिष्कार करना चाहिए !

(कहते हैं) ‘भारत तय करे कि वो तालिबान को मित्र मानता है या शत्रु ?’ – तालिबान

एक छोटे से देश का आतंकवादी संघठन भारत के संदर्भ में ऐसी उजड्ड भाषा का प्रयोग करता है और भारत इस प्रकार के विधान को पचा लेता है, यह लज्जास्पद है! तालिबान को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार कौन से कदम उठाएगी ?

प्लास्टिक के राष्ट्र ध्वज के विरोध में स्वदेशी ऐप ‘कू’ के अभियान को बहुत बडा समर्थन !

अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता, खिलाडि़यों का भी सहभाग !
प्लास्टिक के राष्ट्र ध्वज ना प्रयोग करने का आवाहन !

प्रतिवर्ष कोरोना की वैक्सिन लेनी पडेगी ! – अमेरिकी व्हाइट हाऊस के मुख्य सलाहकार डॉ. फाऊची

‘लोगों ने नियमित रुप से वर्ष में एक बार जैसे ‘फ्लू’ का इंजेक्शन दिया जाता है, उसी प्रकार कोरोना का वैक्सीन भी देना पडेगा’, ऐसी संभावना फाऊची ने व्यक्त की है ।

पठानकोट (पंजाब) में वायुसेना अड्डे पर हुए आक्रमण में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों ने की सहायता ! – दो विदेशी पत्रकारों की पुस्तकों में दावा !

ऐसे भ्रष्ट और देशद्रोही पुलिस अधिकारियों को मृत्युदंड देने के लिए क्या सरकार कदम उठाएगी ?

१४ अगस्त ‘विभाजन वेदना स्मृति दिवस’ के रूप में जाना जाएगा ! – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा

विभाजन के समय, मुहम्मद अली जिन्ना की ‘सीधी कार्रवाई’ में मारे गए हिन्दुओं को भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष श्रद्धांजलि देकर उनका स्मरण करना चाहिए ।

यदि तालिबान सत्ता अधिगृहीत करने का प्रयास करता है, तो अफगानिस्तान पूर्णतः अलग-थलग होने का भय ! – संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस

इस प्रकार के वक्तव्य देने की अपेक्षा, संयुक्त राष्ट्र तालिबान को समाप्त करने का प्रयास क्यों नहीं कर रहा है ? – संपादक

अमेरिका अफगानिस्तान के दूतावास के कर्मचारियों को वापस लाने के लिए ३ सहस्र सैनिक भेजेगा !

अफगानिस्तान में तालिबान अधिक से अधिक शहरों को अधिकार में लेने के डर से अमेरिका ने अफगानिस्तान में रह रहे उसके नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी की है ।