
कांदळी (पुणे) – सनातन संस्था के श्रद्धाकेंद्र प.पू. भक्तराज महाराजजी के कांदळी के समाधिस्थल पर २३ जुलाई को कोरोना के सर्व नियमों का पालन कर गुरुपूर्णिमा महोत्सव भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया ।
इस अवसर पर प.पू. बाबा के सुपुत्र पू. नंदू कसरेकर ने प.पू. बाबा की समाधि पर अभिषेक किया । श्री व्यासपूजन एवं श्री सत्यनारायण पूजा हुई । गुरुपूर्णिमा के निमित्त भंडारे का भी आयोजन किया गया था । इस अवसर पर सनातन के ‘प.पू. भक्तराज महाराजजी की चैतन्यमय वाणी से साकार भजन एवं उनका भावार्थ (भाग १)’ इस चैतन्यदायी ग्रंथ का लोकार्पण पू. (श्रीमती) जीजी (प.पू. बाबा की पत्नी) के शुभहस्तों हुआ ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी के संदर्भ में ग्रंथों के लोकार्पण के लिए डॉ. जयंत आठवलेजी एवं उनकी पत्नी डॉ. (श्रीमती.) कुंदाजी का अनमोल सहयोग ! – श्रीमती उल्का बगवाडकर
इस प्रसंग में मनोगत व्यक्त करते हुए श्रीमती उल्का बगवाडकर ने कहा, ‘‘इस ग्रंथ का लोकार्पण करने के लिए डॉ. जयंत आठवलेजी एवं उनकी पत्नी डॉ. (श्रीमती) कुंदाजी ने अनमोल सहयोग किया है । उसके लिए मैं उनका आभार मानता हूं । मेरे पिताजी (स्व. दादा दळवी) के ग्रंथों का लोकार्पण गुरुपूर्णिमा के दिन गुरु के समाधिस्थल पर करने का सौभाग्य मुझे मिला, यह मेरे जीवन का स्वर्णिम क्षण है ।’’
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
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