१ अक्टूबर तक भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित न करने पर २ अक्टूबर को जल समाधि लूंगा ! – अयोध्या के महंत परमहंस दास की चेतावनी

जल समाधि लेकर नहीं ,बल्कि संघर्ष करके ही हिन्दू राष्ट्र आ सकता है, यह प्रत्येक हिन्दू को ध्यान में रख कृतिशील होना चाहिए !

(कहते हैं) ‘जम्मू-काश्मीर में मानवाधिकारों के हो रहे उल्लंघन का विरोध !’ – तालिबान

जम्मू-काश्मीर भारत का अंतर्गत विषय है । इस विषय में तालिबान को बोलने की आवश्यकता नहीं,भारत को तालिबान को अच्छे से समझा देना चाहिए । साथ ही इसके आगे ऐसे विधान करने पर सैनिक कार्यवाही करेंगे, ऐसी चेतावनी भी देनी चाहिए !

‘अमेजन’ दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी है ! – ‘पांचजन्य’ पत्रिका की आलोचना

‘अमेजन’, यह प्रतिष्ठान अर्थात् दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी है, ऐसी आलोचना पांचजन्य पत्रिका ने की है । पांचजन्य के गत अंक में ‘इन्फोसिस’ प्रतिष्ठान की आलोचना करते हुए दावा किया गया था, कि यह नक्सलियों की सहायता कर रहा है ; परंतु, उसी समय ‘इसका कोई प्रमाण नहीं है’ ऐसा भी पत्रिका ने स्पष्ट किया था ।

न्यायालय की अवमानना की चिंता किए बिना अधिकारी काम करें  ! – त्रिपुरा के भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब

न्यायालय की अवमानना के प्रकरण में आपके कारागृह जाने से पूर्व मैं  (कारागृह) जाऊंगा । किसी को कारागृह में डालना आसान नहीं होता है ।

आज किसान संगठनों का ‘भारत बंद !’

‘बंद का पालन करना अर्थात् देश के अरबों रुपयों की हानि करना है ! ‘बंद’ का आवाहन करने वाला ऐसा संगठन और उसको समर्थन देने वाली राजनीतिक पार्टियों पर देश की हानि करने के लिए प्रतिबंध लगाना चाहिए !

उत्तराखंड में रोहिंग्या और बांगलादेशीयों की घुसपैठियों की जनसंख्या बढ रही है।

स्थानीय भूमि खरीद कर रहने की घटनाएं बढ रही हैं।
जनसंख्या बढने के पीछे बडा षडयंत्र !

(कहते हैं) ‘प्रमु श्रीराम केवल भाजपा और संघ के ही नहीं,  संपूर्ण विश्व के हैं !’ – फारूक अब्दुल्ला, नेता, नेशनल कॉन्फ्रेंस

यदि ऐसा है, तो भारतीय मुसलमानों ने अयोध्या की श्रीराम जन्म भूमि मुक्त करने का विरोध क्यों किया ? भगवान श्रीराम के समान भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव  भी संपूर्ण विश्व के हैं, तो उनके काशी और मथुरा के मंदिरों की जगह मुसलमान हिन्दुओं को क्यों नहीं सौंप रहे ?