
नई दिल्ली – ‘अमेजन’, यह प्रतिष्ठान अर्थात् दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी है, ऐसी आलोचना पांचजन्य पत्रिका ने की है । पांचजन्य के गत अंक में ‘इन्फोसिस’ प्रतिष्ठान की आलोचना करते हुए दावा किया गया था, कि यह नक्सलियों की सहायता कर रहा है ; परंतु, उसी समय ‘इसका कोई प्रमाण नहीं है’ ऐसा भी पत्रिका ने स्पष्ट किया था ।
पाञ्चजन्य यानी बात भारत की।
पढ़िये आगामी अंक –#अमेज़न ऐसा क्या गलत करती है कि उसे घूस देने की जरूरत पड़ती है? क्यों इस भीमकाय कंपनी को देसी उद्यमिता, आर्थिक स्वतंत्रता और संस्कृति के लिए खतरा मानते हैं लोग#Vocal_for_Local@epanchjanya pic.twitter.com/eCimaplnKJ— Hitesh Shankar (@hiteshshankar) September 26, 2021
‘पांचजन्य’ के संपादक हितेश शंकर ने ‘पांचजन्य’ के नए अंक का मुखपृष्ठ ट्वीट किया है । इसमें ‘अमेजन’ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ बेजोस का एक चित्र दिखाई देता है । उसपर, “# अमेजन: ईस्ट इंडिया कंपनी २.०”, यह शीर्षक लिखा हुआ है । साथ ही, ‘इस प्रतिष्ठान ने ऐसा क्या अनुचित किया है, जिसके कारण उसे घूस देनी पडी ? लोग इस प्रतिष्ठान को भारत की उद्यमिता, आर्थिक स्वतंत्रता एवं संस्कृति के लिए घातक क्यों मानते हैं ?’, ऐसे वाक्य भी लिखे हुए हैं । गत सप्ताह ही, भारत सरकार ने स्पष्ट था कि, ‘वह भारत में अमेजन के कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी अधिकारियों को घूस दी जाने के आरोपों की जांच करेगी ।’
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