इस्लाम को बचाने के लिए भारत पर आक्रमण करो !’
भारत सरकार को इस आतंकवादी संगठन को सबक सिखाने के लिए कदम उठाने अत्यंत आवश्यक !
भारत सरकार को इस आतंकवादी संगठन को सबक सिखाने के लिए कदम उठाने अत्यंत आवश्यक !
कुछ दिन पूर्व ही वाराणसी जिला न्यायालय ने निर्णय दिया है कि ज्ञानवापी तथा शृंगार गौरी प्रतिवाद का परिवाद आगे चलाया जाएगा । तत्पश्चात उसे मुसलमान दल उच्च न्यायालय में आव्हान देगा ।
कानून हाथ में लेने के लिए भडकानेवालों पर सरकार त्वरित परिवाद प्रविष्ट कर कारागृह में डाले !
ऎसे प्रकरण में यदि कोई हिन्दू मंदिर होता और प्रदर्शनकारी स्पष्ट रूप से हिन्दू ही होते, तो भारत भर में धर्मनिरपेक्षतावासियों ने उनके विरुद्ध आलोचना की झडी लगा दी होती एवं उन्हें ‘विकास विरोधी’ सिद्ध कर त्रस्त कर दिया होता, चूंकि वर्तमान प्रकरण में मुसलमान लिप्त हैं, इसलिए योगी आदित्यनाथ के प्रशासन को ये समुदाय ‘मुसलमान विरोधी’ कहकर उनकी मानहानि करने लगे तो उसका आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
इस प्रकार की खुली धमकी देनेवाले पर अपराध प्रविष्ट कर उसे कारागृह में डालना चाहिए ! हिन्दू न्यायालय का निर्णय हमेशा ही स्वीकारते हैं; लेकिन धर्मांध मुसलमान इस प्रकार की धमकी देते हैं, यह ध्यान में लें !
मुहम्मद पैगंबर का कथित अपमान किया; इस विधान से नूपुर शर्मा का सिर काटने की धमकी देनेवाले धर्मबांधव, जब हिन्दुओं की धार्मिक भावना आहत होती है, तब हिन्दू वैध मार्ग से विरोध करते हैं । क्या इस सूत्र पर हिन्दुओं को ‘भगवा आतंकवादी’ बोलनेवाले मुंह खोलेंगे ?
अहमद सिद्दीकी नामक युवक ने उसे अन्य दो युवकों द्वारा ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकियां मिलने का आरोप लगाया है ।
चलचित्र द्वारा हिन्दुओं के देवता चित्रगुप्त की विडंबना करने का प्रकरण
अवैध निर्माण होने तक भारत का प्रशासन हमेशा ही सोया रहता है !
ज्ञानवापी एवं शृंगार गौरी पूजा करने के संदर्भ की याचिका पर मुसलमान दल द्वारा आपत्ति ऊठाने के पश्चात यह दावा आगे प्रविष्ट करें अथवा न करें, इस पर न्यायालय ने निर्णय दिया ।