सशस्त्र मुसलमानों की भीड़ ने भाजपा नेता की हथौडे से की हत्या !

  • देहरादून (उत्तराखंड) की घटना

  • जल के विवाद में हत्या

  • हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मुसलमानों के घरों पर किया पथराव

  • प्रशासन ने आरोपी मुसलमानों के अवैध घर ध्वस्त किए, १२ व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत

देहरादून (उत्तराखंड) – यहां के सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला में भाजपा के युवा नेता विनोद कुमार की मुसलमानों की भीड ने हथौडे से प्रहार करके हत्या कर दी । १३ जून की सायंकाल हुई इस घटना के पश्चात हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं ने इसका तीव्र शब्दों में निषेध करते हुए मुसलमानों के घरों पर पथराव किया । इस प्रकरण में पुलिस ने १२ मुसलमानों के नाम अभियोग पंजीकृत किया है, साथ ही आरोपी मुसलमानों के अवैध घर बुलडोजर द्वारा ध्वस्त किए जाने की बात सामने आई है । विनोद कुमार भाजपा के अन्य पिछडा वर्ग मोर्चा के जिला सामाजिक माध्यम (सोशल मीडिया) समन्वयक थे ।

१. समीप ही रहने वाले इम्तियाज के साथ विनोद कुमार तथा उनके परिजनों का जल के विषय पर पुराना विवाद था । १३ जून को इसी बात पर पानी के कारण पुनः विवाद हुआ । इसके बाद ही सशस्त्र मुसलमानों की भीड ने विनोद कुमार के घर पर आक्रमण कर दिया।

२. इस समय विनोद की हत्या कर दी गई । साथ ही उनके भाई अशोक, राजेश एवं भाभी सुषमा गंभीर रूप से आहत हुए ।

३. विनोद के आहत भाई अशोक ने आरक्षी विभाग (पुलिस) में की गई परिवाद (शिकायत) में कहा कि पूर्व में समीप के खेत के जल को लेकर विवाद हुआ था । यह खेत इम्तियाज के स्वामित्व का है । १३ जून की सायंकाल ६ बजे रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शामून, सलमान, जावेद, इंतजार तथा बैरागीवाला के अनुमानतः ३० -३५ अन्य निवासी, लाठियां, लकडी के पटरे, हथौडे तथा फावडे लेकर हमारे घर में आए । उन्होंने हमारे परिवार पर आक्रमण किया । इसमें विनोद की हथौडे से हत्या कर दी गई ।

संपादकीय भूमिका

  • राज्य में भाजपा की सरकार होने पर भी वहां के धर्मांध मुसलमान सत्ताधारी दल के नेताओं की हत्या करते हैं, इसका अर्थ यह है कि उन्हें सरकार का तनिक भी भय नहीं रहा । ऐसे तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण करना समय की आवश्यकता है !
  • जल के विषय पर हुए छोटे से विवाद से क्रोधित एवं असहमत होने के कारण से मुसलमानों की भीड शस्त्रों के साथ आक्रमण करती है, इससे यह सिद्ध होता है कि यह आक्रमण पूर्वनियोजित ही था । ऐसे तत्वों का सामना करने के लिए हिन्दू सक्षम नहीं हैं, यही बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं दर्शाती हैं । यह स्थिति बहुसंख्यक हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद !