क्या बांग्लादेश सरकार बांग्लादेश को ‘हिन्दूमुक्त’ राष्ट्र बनाने का प्रयास करनेवालों की सहायता कर रही है ? – Salah Uddin Shoaib Choudhury

गायबांधा (बांग्लादेश) के ‘सनातन धर्म संकुल’का निर्माणकार्य बंद कराने के संबंध में बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाह उद्दीन चौधरी का वक्तव्य ।

सलाह उद्दीन शोएब चौधरी

ढाका (बांग्लादेश) – गायबांध में क्या चल रहा है ? इस्लामी कट्टरपंथी एवं जिहादी इस परियोजना को लक्ष्य बनाकर अपने दुष्कृत्य बढा रहे हैं । वे भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान श्रीराम की मूर्तियों को गिराने का खुलेआम आवाहन कर रहे हैं तथा सरकारी तंत्र इस पर संपूर्णरूप से मौन है । क्या इस देश में हिन्दुओं को जीने का अधिकार नहीं है ? क्या बांग्लादेश की सरकार बांग्लादेश को ‘हिन्दूमुक्त’ राष्ट्र बनाने का प्रयास करनेवाले अपराधियों की सहायता कर रही है ?, ऐसा क्षुब्ध प्रश्न यहां के ‘वीकली ब्लिट्ज’के वरिष्ठ संपादक तथा अल्पसंख्यक हिन्दुओं की रक्षा के लिए लडनेवाले सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने उठाया । उन्होंने ‘एक्स’पर स्वयं की वीडियो प्रसारित की है ।

चौधरी द्वारा उठाए गए महत्त्वपूर्ण सूत्र ।

१. बांग्लादेश में सैकडों मस्जिदों के निर्माण के लिए मुसलमान राष्ट्रों की ओर से अरबों डॉलर्स का चंदा आ रहा है । ईसाई मिशनरी एवं ईसाई राष्ट्र चर्च के निर्माण के लिए चंदा भेज रहे हैं । जापान पैगोडा (बौद्ध मंदिर) के निर्माण के लिए पैसे भेज रहा है । इसमें कोई समस्या नहीं है ।

२. परंतु जब हिन्दू किसी मंदिर का निर्माण करते हैं तथा मूर्ति स्थापित करते हैं, तभी यह समस्या क्यों आती हैं ?; क्योंकि पाकिस्तानी ‘आई.एस्.आई.’ बांग्लादेश के लोगों के मन में हिन्दूद्वेष फैला रहा है । एक बांगलादेशी नागरिक के रूप में हम ऐसी स्थिति स्वीकार नहीं कर सकते । हम यह होने नहीं दे सकते ।

३. मैं मानवाधिकार समूह, अंतरराष्ट्रीय प्रसार माध्यम, विवेकशील नागरिक एवं पूरे विश्व के विभिन्न देशों के नीति निर्धारकों से यह अनुरोध करता हूं कि वे इस पर आवाज उठाएं तथा बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाएं ।

४. गायबांधा की यह परियोजना निरंतर चलती रहनी चाहिए । इस परियोजना के लिए संकट उत्पन्न करनेवालों के अनेक षडयंत्र मुझे ज्ञात हैं । जिसप्रकार चिन्मय कृष्ण दास के संदर्भ में किया गया, उसी प्रकार झूठे अभियोग में फंसाकर आयोजकों को कारागृह में भेजने का इस्लामी कट्टरपंथियों का षड्यंत्र है । ऐसा होने नहीं देंगे । चिन्मय कृष्ण दास को भी तुरंत छोडा जाना चाहिए तथा गायबांधा की परियोजना को संरक्षण देकर उसे चालू रखा जाना चाहिए ।

५. बांग्लादेश सरकार पाकिस्तानी ‘आई.एस्.आई.’ के दुष्ट षडयंत्रों के सामने झुकना नहीं चाहिए । यह केवल हिन्दुओं के अधिकारों का प्रश्न नहीं है, अपितु ‘बांग्लादेश एक धर्मनिरपेक्षता एवं सांप्रदायिक सौहार्द संजोनेवाला राष्ट्र है’, यह सिद्ध करने का यह अवसर है । हमें एक अन्य पाकिस्तान नहीं बनना है ।