ईरान ने अमेरिका के हाथ न लगने हेतु छिपाया ५०० किलो यूरेनियम भण्डार !

५ परमाणु बम बनाने की भण्डार की क्षमता ।

तेहरान (ईरान) – ईरान ने अपना सबसे मूल्यवान एवं संकटपूर्ण परमाणु भण्डार अत्यन्त सुरक्षित स्थान पर स्थानान्तरित कर दिया है , ऐसा दावा अमेरिकी गुप्तचर संस्था एवं अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था ने किया है । इजराइल अथवा अमेरिका के वायु सेनाओं द्वारा परमाणु-सुविधाएं नष्ट किए जाने के भय से ईरान ने पर्वतों में खोदे गए भूमिगत बंकर्स में लगभग ५०० किलो अत्यन्त समृद्ध , एवं ‘बम-ग्रेड यूरेनियम’ छिपाकर रखा है । सैन्य कारवाई अथवा बाह्य दबाव द्वारा यह सामान पुनः प्राप्त करना अब लगभग असम्भव माना जा रहा है ।

ईरान कभी भी स्वयं को ‘अधिकृत परमाणु सज्ज राष्ट्र’ घोषित करने में सक्षम !

१. अन्तरराष्ट्रीय परमाणु विशेषज्ञों के अनुसार , ईरान द्वारा छिपाया गया ५०० किलो यूरेनियम सामान्य स्तर का न होकर उसे ९० प्रतिशत शुद्धता तक तैयार किया गया है ।

२. परमाणु विज्ञान के मानकों के अनुसार इस स्तर तक तैयार किया गया यूरेनियम केवल प्राणघातक परमाणु शस्त्र अथवा परमाणु बम बनाने के लिए उपयोग किया जाता है ।

३. ५०० किलो का यह प्रचण्ड भण्डार अत्यन्त अल्प समय में न्यूनतम ५ विनाशकारी परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है ।

४. यह समान सुरक्षित कर ईरान ने ऐसी नीतिगत क्षमता प्राप्त की है कि वह किसी भी क्षण विश्व के सामने स्वयं को ‘अधिकृत परमाणु संपन्न राष्ट्र’ के रूप में घोषित कर सकता है ।

ईरान में कहां है यह भण्डार ?

ईरान के नतान्ज एवं फोर्डो स्थित सबसे सुरक्षित एवं अभेद्य ऐसी भूमिगत परमाणु-सुविधाओं में यह यूरेनियम भण्डार स्थानान्तरित किया गया है । यह केन्द्र पर्वतों के भीतर गहराई में भूमि के नीचे सैकडों फीट ठोस ग्रेनाइट पत्थर को तराशकर बनाए गए हैं तथा उन्हें कंक्रीट एवं लोहे की अनेक परतों का संरक्षण कवच है ।

अमेरिका एवं इजराइल की सेनाओं को भण्डार मिलना असम्भव !

रक्षा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि , इन बंकर्स की गहराई एवं उनकी रचना इतनी सशक्त है कि , अमेरिका के सबसे शक्तिशाली ‘बंकर-बस्टर’ बम तथा इजराइल के अत्याधुनिक प्रक्षेपास्त्र वहां पहुंचकर उनका नाश करने में पूर्णतः असमर्थ हैं । इसी कारण यह यूरेनियम बल का प्रयोग कर नष्ट करने अथवा हस्तगत करने की पाश्चात्य राष्ट्रों की आशा समाप्त हो गई है ।